26 जनवरी पर तिरंगे के खिलाफ कैंपेन चलाएगा खालिस्तानी संगठन, वकीलों को फिर दी धमकी

 नई दिल्ली

खालिस्तान समर्थक संगठन सिख्स फॉर जस्टिस ने भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्र ध्वज तिरंगे के खिलाफ इंटरनेशनल कैंपेन चलाने की धमकी दी है। प्रतिबंधित संगठन ने 'फहराओ खालिस्तान- रोको तिरंगा' नाम से कैंपेन चलाने की धमकी दी है। यही नहीं भारतीय एजेंसी एनआईए की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल जसविंदर सिंह मुल्तानी, परमजीत सिंह पम्मा और हरदीप सिंह निज्जर को जर्मनी, यूके और कनाडा में इस कैंपेन को लीड करने का जिम्मा दिया गया है। मंगलवार को वीडियो संदेश में अमेरिका में बसे गुरपतवंत सिंह ने बताया कि जर्मनी में लुधियाना बम ब्लास्ट के मामले में गिरफ्तारी के बाद रिहा हुए जसविंदर सिंह मुल्तानी को जर्मनी में कैंपेन को लीड करने की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा गुरमीत सिंह बग्गा नाम के एक और शख्स को जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में कैंपेन को लीड करने को कहा गया है। परमजीत सिंह पम्मा को ब्रिटेन के लंदन में कैंपेन की जिम्मेदारी दी गई है। यही नहीं कनाडा के वैंकोवर में हरदीप सिंह निज्जर को जिम्मा सौंपा गया है। सूत्रों के मुताबिक सिख्स फॉर जस्टिस ने 1 मिलियन डॉलर का बजट इस प्रोजेक्ट के लिए आवंटित किया गया है। इस प्रोजेक्ट को 'फहराओ केसरी खालिस्तान' और 'ब्लॉक मोदी तिरंगा' नाम दिया गया है। खालिस्तानी संगठन के इस ऐलान के बाद से एजेंसियां सतर्क हैं। बता दें कि लुधियाना में हुए बम धमाके के बाद जर्मनी में जसविंदर सिंह मुल्तानी को अरेस्ट किया गया था। हालांकि बाद में रिहा कर दिया गया।
 
इस बीच सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को एक बार फिर से खालिस्तान की ओर से धमकी मिली है। पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले को सुप्रीम कोर्ट में दायर करने वाले वकील विष्णु शंकर जैन ने पिछले सप्ताह भी ऐसी ही धमकी की बात कही थी। उनकी ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। उन्होंने कहा कि सोमवार को उन्हें एक बार फिर से धमकी भरी कॉल्स आई हैं। जैन ने कहा कि उन्हें धमकी भरे कॉल्स मिले हैं क्योंकि उन्होंने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले की जांच कर रहीं सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस इंदु मल्होत्रा को भी धमकी मिली है।

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