SBI का दावा-कोरोना की तीसरी लहर अगले तीन सप्ताह में पीक पर होगी

मुंबई
कोविड -19 महामारी की तीसरी लहर के पूर्वानुमान से बहुत पहले चरम पर पहुंचने की संभावना है और इसमें अधिकतम तीन सप्ताह लग सकते हैं। यह दावा एक रिपोर्ट में किया गया है। एसबीआई रिसर्च ने एक रिपोर्ट में कहा कि यह उम्मीद शीर्ष 15 जिलों में नए मामलों में भारी कमी से उत्पन्न हुई है, जहां सबसे अधिक संक्रमण है।

तेज रफ्तार से फैल रहा कोरोना
रिपोर्ट में कहा गया है कि नए मामलों में ग्रामीण जिलों की कुल हिस्सेदारी जनवरी में बढ़कर 32.6 प्रतिशत हो गई, जो दिसंबर में सबसे कम 14.4 प्रतिशत थी। अमेरिका की तुलना में, यह बहुत कम है, जहां नए मामलों में 6.9 गुना वृद्धि हुई है, भले ही उसने अपनी पात्र आबादी में से 80 प्रतिशत से अधिक का दोहरा टीकाकरण किया है।

 

भारत में वैक्सीनेशन का आंकड़ा
इस उम्मीद का एक और कारण यह भी है कि भारत ने पात्र आबादी में से 64 प्रतिशत को टीके की दोनों खुराक लगा दी है, जबकि 89 प्रतिशत पात्र आबादी को पहली खुराक दी गई है। कुल टीकाकरण में ग्रामीण टीकाकरण का हिस्सा अब 83 प्रतिशत है, जो यह दर्शाता है कि मौजूदा लहर में ग्रामीण आबादी को बड़े पैमाने पर संरक्षित किया जा सकता है। आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और उत्तराखंड ने पहले ही अपनी 70 प्रतिशत से अधिक आबादी को टीके की दोहरी खुराक लगाई है। हालांकि, पंजाब, उत्तर प्रदेश और झारखंड अभी भी पिछड़ रहे हैं।

दिल्ली,मुंबई में कोरोना चरम पर
गौरतलब है कि मुंबई में नए मामले अपने चरम पर पहुंच गए हैं । मुंबई में सात जनवरी को 20,971 मामले सामने आए थे। लेकिन अन्य जिलों (बेंगलुरु, पुणे, आदि) में दैनिक नये मामलों की संख्या में वृद्धि दिख रही है। एसबीआई में मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्यकांति घोष ने रिपोर्ट में कहा कि इसलिए, यदि अन्य जिले भी सख्त उपायों को लागू करते हैं और महामारी के प्रसार को नियंत्रित करते हैं, तो इस लहर का राष्ट्रीय चरम अब से दो-तीन सप्ताह के भीतर आ सकता है।

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