खदानों से हो रहा रेत खनन, कलेक्टरों को नियंत्रण के निर्देश

भोपाल
प्रदेश में रेत समूहों का ठेका निरस्त किए जाने और नीलामी के माध्यम से ठेका अवधि खत्म होने के बाद भी ठेकेदार और उनके गुर्गों द्वारा जिलों में अवैध रूप से रेत खनन किया जा रहा है। खनिज साधन विभाग को इस तरह की शिकायतें मिलने के बाद शासन ने इस मामले में कलेक्टरों को पत्र लिखकर अवैध रेत खनन पर नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टरों को दिए निर्देश में खनिज साधन विभाग ने कहा है कि जिलों में मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 एवं मप्र रेत (खनन, परिवहन, भंडारण और व्यापार) नियम 2019 के अंतर्गत रेत ठेका निरस्त, समर्पित ठेका और समय सीमा पूर्ण कर चुकी नीलाम खदानों के मामले में कार्यवाही करें। इसके लिए भंडारण लाइसेंस में मौजूद रेत भंडार का भौतिक सत्यापन कराया जाए और रेत भंडारण के निवर्तन की कार्यवाही कराई जाए। कलेक्टरों को इस मामले में अवैध भंडारण पाए जाने पर रेत को राजसात करने के अधिकार शासन ने दिए हैं। इसका कड़ाई से पालन किया जाए।

एक अन्य पत्र में कलेक्टरों से कहा गया है कि रेत खनिज से संबंधित सभी देय राशि के भुगतान आनलाइन किए जाने के निर्देशों का पालन जिलों में नहीं किया जा रहा है। रेत ठेकेदारों द्वार मासिक, त्रैमासिक किस्तों का भुगतान, राहत राशि का भुगतान और पेनाल्टी का भुगतान समय से नहीं किया जा रहा है। इस कारण कई जिलों में रेत ठेकेदारों की किस्तें एक से अधिक माह से पेंडिंग हैं। ऐसे मामले में ठेकेदारों के विरुद्ध कार्यवाही करें ताकि समय पर शासन को मिलने वाले राजस्व का भुगतान ठेकेदारों द्वारा किया जाए।

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