पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को एक और झटका

चंडीगढ़
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटके पर झटका लग रहा है। तीन विधायकों ने हाल ही में पार्टी छोड़ी थी। अब राज्य में कांग्रेस के सीनियर लीडर सुखजिंदर राज सिंह उर्फ लल्ली मजीठिया ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया है। खास बात यह है कि लल्ली मजीठिया शिरोमणि अकाली दल के बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ तीन विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि इन तीनों में उन्हें शिकस्त मिली थी।

पनग्रेन चेयरमैन पद से लल्ली का इस्तीफा
पंजाब स्टेट ग्रेन्स प्रोक्योरमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन-डायरेक्टर पद से लल्ली मजीठिया ने इस्तीफा दे दिया है। लल्ली का कहना है कि बिक्रम मजीठिया को कथित रूप से संरक्षण देने की वजह से वह नाराज हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि ड्रग्स रैकेट और बेअदबी के मामलों में कार्रवाई ना होने से वह पार्टी के भीतर घुटन महसूस कर रहे थे। लल्ली 2007 और 2017 में कांग्रेस के टिकट पर बिक्रम मजीठिया के खिलाफ चुनाव लड़े थे। वहीं 2012 का चुनाव उन्होंने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार लड़ा था।

'गिरफ्तार क्यों नहीं हो रहे हैं बिक्रम मजीठिया?'
पार्टी छोड़ते हुए लल्ली मजीठिया ने कहा, 'बिक्रम सिंह मजीठिया कहां हैं? वह गिरफ्तार क्यों नहीं हो रहे हैं? पंजाब सरकार की ओर से मिली सुरक्षा को धता बताकर कैसे वह गायब हो गए और गिरफ्तारी से बच निकले।' लल्ली को इसी साल जून में पनग्रेन का चेयरमैन बनाया गया था। उस वक्त कैप्टन अमरिंदर सिंह पर बिक्रम मजीठिया से नरमी बरतने के आरोप लग रहे थे।

'ड्रग रैकेट, बेअदबी के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार ने कछ नहीं किया'
लल्ली ने पार्टी पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा, 'मैं पार्टी के अंदर घुटन महसूस कर रहा था। ड्रग स्मगलिंग और बेअदबी के मुद्दे पर पार्टी कुछ भी करने में नाकाम रही है। मजीठिया को गिरफ्तार करने का कोई इरादा नहीं दिखता है। इसलिए मैंने पनग्रेन अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने का फैसला किया।'

तीन नेताओं ने थामा कैप्टन की पार्टी का दामन
इस बीच भदौर के पूर्व विधायक निर्मल सिंह निम्मा, पंजाब कांग्रेस के पूर्व महासचिव राज कुमार गर्ग (राज नंबरदार), पंजाब बाल संरक्षण आयोग के सदस्य डॉक्टर दीपक ज्योति ने गुरुवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह की मौजूदगी में पंजाब लोक कांग्रेस का दामन थाम लिया। इन नेताओं का अपनी पार्टी में स्वागत करते हुए कैप्टन ने कहा कि उन्हें इस बात का भरोसा है कि इन नेताओं के आने से पार्टी मजबूत होगी। साथ ही वर्तमान सत्ता के खिलाफ हमारी पार्टी विकल्प बनेगी। समाज के हर तबके चाहे किसान हो, शिक्षक या कर्मचारी हर मोर्चे पर ये सरकार फेल रही है।

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