ममता बनर्जी की एंट्री से कर्नाटक में कांग्रेस हुई सतर्क, भाजपा विरोधी वोट बंटने का सता रहा डर

नई दिल्ली
पूर्वोत्तर और गोवा के बाद दक्षिण भारत में पैर जमाने की तृणमूल कांग्रेस की कोशिशों से कांग्रेस चौकन्नी है। पार्टी को डर है कि अन्य प्रदेशों की तरह दक्षिणी राज्यों में टीएमसी कांग्रेस के नेताओं को अपने पाले में करने की कोशिश कर सकती है। इसलिए पार्टी खासी सतर्क है।

दक्षिण में कांग्रेस कमजोर हुई है, पर पार्टी को अभी भी वापसी की उम्मीद है। तमिलनाडु में पार्टी डीएमके के साथ गठबंधन सरकार में शामिल है। वहीं, केरल में यूडीएफ का नेतृत्व कर रही है। पुडुचेरी में भी हार-जीत का सिलसिला रहता है। पर कर्नाटक को लेकर पार्टी काफी गंभीर है।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, सब कुछ ठीक रहा तो कर्नाटक में अगली सरकार कांग्रेस की होगी। क्योंकि कर्नाटक में कांग्रेस ही भाजपा का मुकाबला कर सकती है। पर तृणमूल कांग्रेस के कर्नाटक में अपने पैर जमाने की कोशिशों ने पार्टी की चिंताएं बढ़ा दी है।

कर्नाटक कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं है। कई नेताओं के बीच आपसी मतभेद बरकरार है। प्रदेश कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि हमें अपना घर ठीक करना होगा। यदि ऐसा नहीं होता है, तो दूसरे प्रदेशों की तरह पार्टी नेता तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। इससे मुश्किलें बढ़ जाएंगी। तेलंगाना कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मैरी शशिधर रेड्डी कह चुके हैं कि तृणमूल कांग्रेस दक्षिण में पानी का परीक्षण कर रही है। टीएमसी ने कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ नेताओं से संपर्क भी किया था। पर दक्षिण में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के लिए कोई जगह नहीं है।

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