MPPSC: 2019-20 मेंस-प्री के रिजल्ट अधर में, 27% OBC आरक्षण का मुद्दा

भोपाल
यूपीएससी(यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन) के बाद देश की सेकंड व्हाइट कॉलर जॉब मानी जाने वाली एमपीपीएससी (मप्र पब्लिक सर्विस कमीशन) भर्ती परीक्षा पिछले दो तीन सालों से विवादों में उलझी हुई है। यह हम नहीं इसकी सच्चाई आयोग की दो भर्ती परीक्षाओं के परिणाम बयां कर रहे हैं क्योंकि प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के दांव पेंच के चलते वर्ष 2019 के मेंस एवं वर्ष 2020 के प्री के रिजल्ट अभी पेंडिंग हैं। जबकि इनके परिणाम घोषित किए जाने की कवायद तो दूर तीसरे भर्ती प्रकिया के अधर में लटक सकती है।

गौरतलब है कि वर्ष 2019 में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अध्याधेश के जरिए प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के कोटे को 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 कर कर दिया था। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर उसने बढ़े हुए आरक्षण पर अंतरिम रोक लगाते हुए भर्ती परिणाम पुराने रोस्टर के हिसाब से ही जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही सुनवाई जारी रखी जो अब भी हाईकोर्ट की दहलीज पर अगली सुनवाई का इंतजार कर रही है। इसका न तो निराकरण हो पा रहा है और न ही इसे यथावत रखा जा रहा। अब पूरा दारोमदार हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिका हुआ है। इसकी अगली सुनवाई जनवरी महीने में तय है।

दरअसल,आयोग ने वर्ष सुनवाई के दौरान ही आनन फानन में भर्ती परीक्षा 2019 के प्री के रिजल्ट  तो जारी कर दिए थे,लेकिन मेंस के परीक्षा के परिणाम जारी होने से पहले ही कोर्ट रोक लगाते हुए 14 फीसदी के हिसाब से ही कंडक्ट कराने के लिए कहा,लेकिन इस पर फैसला नहीं हो सका। बावजूद इसके वर्ष 2020 के भर्ती परीक्षा को भी 27 फ ीसदी ओबीसी रिजर्वेशन रोस्टर के हिसाब से जारी कर दिया गया जो अभी भी मकड़जाल में उलझी हुई है। अब वर्ष 2021 के भर्ती प्रोसेस में 27 फीसदी रिजर्वेशन रोस्टर का कोटा निर्धारित करके विज्ञापन जारी कर भर्ती प्रकिया को ही विवादों में उलझा दिया क्योंकि इसके भी ओबीसी उलझना लगभग तय माना जा रहा है क्योंकि इस अभी भी हाईकोर्ट की अंतरिम रोक  बरकरार है।

आयोग के द्वारा जारी आंकडों के मुताबिक राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा 2019 के 10 अभ्यर्थी एवं वर्ष 2020 के राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा के 3 लाख 40 हजार अभ्यर्थियों को रिजल्ट का इंतजार है। ऐसे में उनके मन रिजल्ट जारी नहीं होने से संशय  की स्थिति बनी हुई कि वे नवीन भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो या पूर्ववर्ती भर्ती परीक्षाओं के परिणाम का इंतजार करें। क्योंकि अभी भी इसके घोषित होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। आयोग सूत्रों की मानें तो इसके रिजल्ट ओबीसी रिजर्वेशन कोटा फाइनल होने के बाद ही जारी होंगे।

इनका कहना
रिजर्वेशन रोस्टर एवं पदों की संख्या विभागवार होती है, जो संबंधित विभाग द्वारा की जाती है। इसमें आयोग का कोई हस्तक्षेप नहीं होता।
प्रबल सिपाहा, सचिव एमपीपीएससी  

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