वन विभाग गलत सूचनाएं न भेजें ,सतर्क रहें

छतरपुर
 शहर में पिछले दो दिनों से तेंदुआ की मौजूदगी के कोई निशान या सूचना नहीं मिली है। वन विभाग सहित पन्ना टाइगर रिजर्व से आए विशेष दल द्वारा पिछले दो दिनों से की जा रही सघन सर्चिंग के दौरान भी न तो तेंदुआ मिला और न ही उसके नए मूवमेंट की कोई जानकारी मिली। पिछले दो दिनों से तेंदुए की सक्रियता कम हो जाने से शहर के लोग राहत की सांस ले रहे हैं। उधर वन विभाग ने तीन अलग-अलग टीमें गठित कर 24 घंटे शहर के आसपास निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

डीएफओ अनुराग कुमार ने बताया कि तेंदुए की आखिरी लोकेशन पन्ना रोड की पैराडाइज कॉलोनी में मिली थी। इस लोकेशन पर स्थानीय वन विभाग के दस्ते एवं पीटीआर से आए विशेष दल के द्वारा दो दिनों तक सर्च किया गया। इस दल के द्वारा पैराडाइज कॉलोनी के अलावा, पन्ना रोड, गठेवरा हार, फोरलेन के आसपास भी सर्चिंग अभियान चलाया गया लेकिन तेंदुए के कोई निशान नहीं मिले हैं। इसके बाद रात सुल्लेरनपुरवा में तेंदुआ के पदचिन्ह देखे जाने की सूचना पर रात 11 बजे पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम पहुंची, लेकिन बाद में पता चला कि सियार के पंजे के निशान देखकर लोगों ने तेंदुआ की सूचना दी थी।

विभाग ने की लोगों से अपील
वन विभाग ने अब शहर के लोगों से सावधान रहने की अपील की है। अपील जारी करते हुए कहा गया कि भटके हुए वन्य प्राणियों से निपटने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाएं। वन्य प्राणी की मौजूदगी की जगह को खाली छोड़ दें। अगर वह हिंसक हो तो घरों या सुरक्षित स्थान पर छिपें। वन्य प्राणी अंधेरा होने पर स्वयं ही जंगल की ओर लौट जाएगा। यदि वन्य प्राणी शांत बैठा है तो उसे हांकने या गोली मारने का प्रयत्न करें ऐसे में वह हमला कर सकता है। वन्य प्राणी को पकडऩे के लिए स्वयं कोई प्रयास न करें बल्कि वन विभाग को सूचित करें। यदि किसी सुरक्षित स्थान से आप आतिशबाजी कर सकते हैं या ढोल आदि बजाकर आवाज कर सकते हैं तो यह काम तीन तरफ से करें और चौथा मार्ग वन्य प्राणी के लिए खाली छोड़ें। ध्यान रहे घायल होने पर वन्य प्राणी हिंसक हो जाता है इसलिए उसे घायल न करें। जंगली पशुओं के मौजूदगी वाले स्थल के आसपाास भीड़ इकट्ठा न करें एवं इस संबंध में सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं न प्रसारित करें।

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