यहूदी शासन ने जो खतरे पैदा किए हैं, यह 16 मिसाइलें उसकी प्रतिक्रिया: ईरान

तेहरान
ईरान ने अपने पांच दिनी सैन्य अभ्यास के आखिरी दिन इस्राइल को चेतावनी देते हुए एक के बाद एक 16 बैलेस्टिक मिसाइलें दागीं। सरकारी टीवी चैनल से ईरान के सैन्य बलों के प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी ने कहा कि हाल ही में यहूदी शासन ने जो खतरे पैदा किए हैं, यह अभ्यास उनकी प्रतिक्रिया देने का है। यह युद्धाभ्यास पयंबर-ए-अजदम नाम से सोमवार से बुशहर, होर्मजगान व खुजेस्तान में हुआ।

मोहम्मद बाघेरी ने इस्राइल को चेतावनी देते हुए कहा, इस अभ्यास में देश की वो सैकड़ों मिसाइलें शामिल की गईं। ये उस देश को तबाह करने में सक्षम हैं जो ईरान पर हमला करने की हिमाकत दिखाएगा। इस्लामी रेवोल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रमुख मेजर जनरल हुसैन सलामी ने कहा, यह सैन्य अभ्यास यहूदी शासन के अधिकारियों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह युद्धाभ्यास इस्राइली पीएम नफ्ताली बेनेट और अमेरिकी एनएसए जेक सुलिवन की बुधवार को हुई बैठक के दौरान भी जारी रहा। बेनेट ने ईरान पर ‘न्यूक्लियर ब्लैकमेल’ करने का आरोप लगाते हुए प्रतिबंधों में ढील का विरोध किया है।

ईरान की चेतावनी के बाद इस्राइल ने भी प्रतिक्रिया में हमले के संकेत दिए हैं। इस्राइली पीएम व अमेरिकी एनएसए के बीच हुई बैठक में ईरान परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू करने को लेकर चर्चा भी हुई। इसे दोबारा शुरू करने का इस्राइल विरोध कर रहा है। इस्राइली पीएम नफ्ताली बेनेट ने कहा, प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद ईरान जो कमाई करेगा, उससे वह हथियार खरीदेगा और इस्राइली लोगों को नुकसान पहुंचाएगा।

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