भारत समेत अन्य विदेशों से आने वाले कर्मियों के वीजा नियमों में ब्रिटिश सरकार ने दी ढील

लंदन
ब्रिटेन ने भारत समेत अन्य देशों से आने वाले सामाजिक देखभाल कामगार, देखभाल सहायक और घरेलू सहायकों के वीजा नियमों में ढील दी है। इस श्रेणी में आने वाले कर्मचारी जल्द ही ब्रिटिश स्वास्थ्य एवं देखभाल वीजा के वास्ते 12 महीने के लिए योग्य होंगे। सरकार ने यह अस्थायी कदम इस क्षेत्र में कर्मचारियों की भारी कमी को देखते हुए उठाया है।

बुजुर्गों-निशक्तों की देखभाल करने वाले विदेशी कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
ब्रिटिश सरकार ने कहा कि योजना में अस्थायी बदलाव के बाद बुजुर्गों की देखभाल करने वाले कामगारों की संख्या बढ़ाने के लिए हजारों अतिरिक्त देखभाल कर्मियों की भर्ती की जा सकेगी। इस बदलाव के बाद नियोक्ता अंतर को पाटने के लिए अर्हता रखने वाले कर्मियों की जल्द, सस्ते और आसान तरीके से भर्ती हो सकेगी।

सरकार ने बताया कि ये अतिरिक्त कर्मचारी उसके द्वारा समर्थित देखभाल गृहों के अलवा बुजुर्गों और निशक्तों की उनके घर में ही देखभाल करने में मदद भी कर सकेंगे। गृह मंत्री प्रीति पटेल ने कहा, देखभाल क्षेत्र महामारी की वजह से अभूतपूर्व तरीके से चुनौती का सामना कर रहा है और इसके मद्देनजर हमने स्वास्थ्य और देखभाल वीजा नियमों में बदलाव किया गया जिससे कामगारों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी और कुछ दबाव कम होगा जो हम मौजूदा समय में महसूस कर रहे हैं।

ब्रिटेन में भारतीय मूल की गृहमंत्री प्रीति पटेल ने कहा, यह हमारी आव्रजन के लिए नई योजना है जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना (एनएचएस) और विस्तृत स्वास्थ्य तथा देखभाल क्षेत्र को समर्थन की हमारी प्रतिबद्धता बताती है। इस योजना से ब्रिटेन में स्वास्थ्य पेशेवरों को रहने और काम करने की परिस्थितियों को आसान बनाया जा सकेगा।

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