कोरोना का संकट बढ़ा, विदेश से आने वालों में 40 प्रतिशत की नहीं हुई जांच

मेरठ  

ओमिक्रॉन वेरिएंट के खौफ के बीच बाहर से आने वाले विदेशियों की लंबित जांचें संक्रमण का खतरा बढ़ा रही हैं। मेरठ जिले में दूसरे देशों से आने वाले लगभग 40 प्रतिशत यात्री अभी भी जांच के दायरे से बाहर हैं। शासन-प्रशासन के सख्त निर्देश के बावजूद जांच के मामलों में स्वास्थ्य विभाग कछुआ चाल से चल रहा है।
600 से ज़्यादा की नहीं हुई जांच

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में शनिवार तक 1589 विदेशी मेरठ पहुंचे थे। इनमें से 615 लोगों की जांच नहीं हो पाई है, हालांकि नौ लोग ऐसे हैं जो लापता हैं। गलत नाम-पते के कारण इनकी ट्रेसिंग फ़ेल रही। इस वजह से भी कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाहर से आने वाले सभी लोगों की निगरानी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि नया वैरियंट ज्यादा लक्षण रहित है। डेल्टा वैरियंट के मुकाबले ये कई गुना तेजी से फैल सकता है। सैकड़ों लंबित जांचों की वजह से कोरोना का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। डॉ अशोक तालियान, मंडलीय सर्विलेंस अधिकारी, मेरठ मंडल बताते  हैं कि हर दिन 5 से 6 हजार तक जांचें हो रही हैं। रोजाना बड़ी संख्या में विदेश से यात्री आ रहे हैं। सबको निगरानी में रखा गया है। जल्द से जल्द जांच पूरी करवाई जा रही है।

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