श्रद्धेय भगवत शरण माथुर कर्मयोगी थे, वह हमारे प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे: मुख्यमंत्री चौहान
भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि श्रद्धेय भगवत शरण माथुर अपने कृतित्व, संकल्प, समर्पण और कर्मयोगी गुणों से हम सभी के बीच अभी भी हैं। वह हमारे लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। मुख्यमंत्री चौहान स्व.श्रद्धेय भगवत शरण माथुर के निधन पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने श्रद्धेय माथुर के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किये।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सोचा नहीं था कि श्रद्धेय माथुर जी इतनी जल्दी हमें छोड़कर चले जाएंगे। वे किसी न किसी प्रकल्प को पूर्ण करने में जुटे रहते थे। कर्म करते- करते ही वे हमारे बीच से चले गये। वे अपने कार्यों और विचारों के माध्यम से हमारे बीच सदैव बने रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धेय भगवत शरण माथुर अद्भुत कर्मयोगी थे। उन्होंने अपने समर्पण और संकल्प से हम सबकी स्मृति में अमिट यादें छोड़ी हैं।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि श्रद्धेय भगवत शरण माथुर अपने कर्त्तव्य के प्रति इतनी लगन से जुट जाते थे कि उन्होंने कभी अपने शारीरिक कष्ट को नहीं देखा। उन्होंने बीमारी की पीड़ा के बावजूद अपने कर्त्तव्य का निर्वाह किया। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
