दिल्ली-एनसीआर में स्कूल और शैक्षिक संस्थान खोलने को मिली हरी झंडी
नई दिल्ली
वायु गुणवत्ता आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में राज्य सरकारों को स्कूल और शैक्षिक संस्थान खोलने की इजाजत दे दी है। ये निर्देश सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने पर आयोग की ओर से जारी किए गए हैं। आदेश के बाद अब प्राइमरी स्कूल 27 दिसंबर से खोले जा सकेंगे। इसके अलावा छठी क्लास से ऊपर के स्कूल ऑफलाइन मोड़ में तत्काल प्रभाव से शुरू करने छूट भी दी है। वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर पर आ जाने की वजह से स्कूल, कालेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान खोलने पर रोक लगाई गई थी। मालूम हो कि 2 दिसंबर को वायु प्रदूषण को लेकर हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद दिल्ली सरकार ने अगले आदेश तक स्कूलों को बंद करने का ऐलान कर दिया था। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करने के साथ स्कूलों को खोलने पर सवाल उठाए थे। इस पर माना जा रहा था कि दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण और कोरोना के नए ओमिक्रोन वैरिएंट के मद्देनजर स्कूलों को बंद करने का ऐलान कर सकती है और ऐसा ही हुआ। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के कुछ देर बाद ही स्कूलों को अगले आदेश तक बंद करने का ऐलान कर दिया था, वो आदेश अभी तक जारी था।
मुख्य न्यायाधीश ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था कि छोटे बच्चे स्कूल जा रहे हैं, अखबारों में आ रहा है कि कर्मचारियों को वर्क फ्राम होम करा रहे हैं और बच्चों को स्कूल भेजा जा रहा है। इस टिप्पणी पर दिल्ली सरकार का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी के दो मिनट मांगने पर एनवी रमना ने कहा कि हम विपक्ष नहीं हैं। जो बेवजह आपकी निंदा करें। हमें बस लोगों की चिंता है। सीजेआई ने कहा कि आप कुछ नहीं करेंगे तो हमें बंद करना पड़ेगा। इस सख्त टिप्पणी के बाद माना जा रहा है कि दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण के वर्तमान हालात के मद्देनजर स्कूलों को बंद करने का ऐलान कर सकती है। संभव है कि इस बाबत दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की एक बैठक भी जल्द ही बुलाई जाए, जिसमें स्कूलों को बंद करने पर आम सहमति बनाई जाए। गौरतलब है कि पिछलों दिनों सुनवाई के दौरान वायु प्रदूषण के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों को बंद करने का सुझाव दिया था। इस पर अमल करते हुए कुछ ही घंटों में दिल्ली सरकार ने स्कूलों को बंद करने का एलान किया था।
