कांग्रेस-बीजेपी उत्तराखंड चुनाव में एक ही पिच पर, ‘आर्मी कार्ड’ पर दोनों की नजर
नई दिल्ली
अगले साल उत्तराखंड में होने वाले चुनावों में सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस पार्टी दोनों ही अब सैनिकों पर फोकस कर रही हैं। इसकी झलक गुरुवार को राहुल गांधी की देहरादून में होने जा रही रैली में दिखी है। रैली के मैदान में राहुल गांधी के बड़े-बड़े कटआउट्स तो लगे ही हैं, लेकिन उनसे भी बड़े कटआउट देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत के हैं, जिनका हाल ही में हेलिकॉप्टर क्रैश से निधन हुआ। बिपिन रावत का यह कटआउट राहुल गांधी और पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के कटआउट के साथ लगा था। ध्यान देने वाली बात यह है कि बिपिन रावत का कटआउट राहुल गांधी के कटआउट से बड़ा था। उत्तराखंड में सेवारत और पूर्व सैनिकों के परिवार चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देहरादून में युद्ध स्मारक की नींव रखी। इस युद्ध स्मारक के एंट्री गेट का नाम जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखा गया है। सत्ताधारी बीजेपी ने इस दौरान करीब 200 शहीदों के परिवार को भी सम्मानित किया।
राहुल गांधी भी बांग्लादेश की आजादी और पाकिस्तान पर भारत की जीत की पचासवीं वर्षगांठ यानी विजय दिवस, 16 दिसम्बर को देहरादून में रैली को सम्बोधित कर रहे हैं। इस रैली में बड़ी संख्या में पूर्व फौजी मौजूद रहेंगे। उत्तराखंड में बड़ी संख्या ऐसे वोटरों की है जिनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि फौज से जुड़ी है। जाहिर है बांग्लादेश की आजादी और उसमें इंदिरा गांधी का नेतृत्व की याद दिला कांग्रेस उत्तराखंड चुनाव में माहौल अपने पक्ष में करना चाहती है।
