उत्तरी अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन ने मनाया जनजातीय गौरव दिवस
रायपुर
भारतीय दूतावास शिकागो और उत्तरी अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (नाचा) ने अमेरिका में शनिवार को जनजातीय गौरव दिवस मनाया। नाचा ने विश्वपटल पर छत्तीसगढ़ स्वतंत्रता सेनानियों की योगदान और आदिवासी संस्कृति को जीवंत कर दिया है। नाचा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य की संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलानी है। नाचा की संस्थापक दीपाली सरावगी ने भारत अमेरिका समुदाय को छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह की जीवनी प्रस्तुत की। उन्होंने साझा किया कि कैसे शहीद वीर नारायण सिंह अंग्रेजों के खिलाफ लड़े, आज पूरे भारत को इस महान नेता पर गर्व है। नाचा के कार्यकारी उपाध्यक्ष तिजेंद्र साहू ने छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदाय कैसे रहते हैं, उनकी संस्कृति और राज्य के प्रति उनके योगदान के बारे में बात की है। छत्तीसगढ़ी प्रवासी भारतीयों द्वारा आदिवासी समुदाय की योगदान की कहानी साझा करना अविस्मरणीय पल था। इस कार्यक्रम में नाचा ने बस्तर आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया। यह पहला मौका है जब किसी गैर सरकारी संगठन ने किसी विदेशी भूमि में इस तरह का आयोजन किया है। नाचा हमारी राज्य-समृद्ध संस्कृति को एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के लिए कार्य करना जारी रखे हुए है। भारत के महावाणिज्य दूत अमित कुमार इस भागीदारी के लिए नाचा के कार्यकारी सदस्यों को कार्यक्रम को लेकर खुशी जताते हुए आभार व्यक्त किया। जब केंद्र सरकार ने जनजातीय गौरव दिवस समारोह की घोषणा की, क्योंकि वैश्विक स्तर पर भारतीय दूतावास इस कार्यक्रम की मेजबानी करने की योजना बना रहा है। चूंकि अमेरिका और अन्य देशों में भारतीय आदिवासी समुदायों को ढूंढना मुश्किल है, इसलिए नाचा ने भारतीय दूतावास से मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया है।
नाचा शिकागो की कार्यकारी दीपाली सरावगी शशि साहू, खुशबू बंसल, वेंकट आदित्य, प्रशांत गुप्ता, अवनि साहू, तिजेंद्र साहू, नैशा गुप्ता और लता राव ने इसका आयोजन किया। सभी सदस्य आदिवासी वेशभूषा में छत्तीसगढ़ी संस्कृति को लेकर उत्साहित थे और पाश्चात्य जीवनशैली में सहजता के साथ अपनी संस्कृति को भूले नहीं है। नाचा के सदस्यों द्वारा आदिवासी नृत्य की प्रस्तुति ने सभी दर्शको का मन मोह लिया।
