शिवपुरी में चोरों ने एक आईपीएस की शादी को ही बना निशाना
शिवपुरी। मध्य प्रदेश का शिवपुरी शहर चोरों के लिए सबसे पसंदीदा जगह बन गया है। यहां आए-दिन चैलेंजिंग वारदातें होती रहती हैं और किसी को भनक तक नहीं लगती है। इस बार चोरों ने एक आईपीएस की शादी को ही निशाना बना दिया है। यहां चोरों ने विवाह घर (नक्षत्र वाटिका) में घुसकर दुल्हन पक्ष के कमरों को निशाना बनाया और तीन कमरों को खंगाल ले गए। आरोप है कि चोर दुल्हन पक्ष के जेवर और कैश लेकर भागे हैं। सोमवार को नक्षत्र वाटिका में आईपीएस नरेंद्र सिंह रावत की शादी थी। इसमें रात 12 बजे चोर घुस आए और दुल्हन पक्ष के कमरों की तरफ चले गए। यहां से दुल्हन पक्ष की ज्वेलरी गायब कर दी। बताते हैं कि जिस समय स्टेज का प्रोग्राम चल रहा था, ठीक उसी समय चोरों ने कन्या पक्ष के रेस्ट रूम में घुसकर 3 कमरों में चोरी की। कन्या पक्ष का कैश और ज्वेलरी गायब है। आईए जानते हैं इस घटना के बारे में…
बताते चलें कि नरेंद्र सिंह रावत और उनका परिवार शिवपुरी शहर में महल कॉलोनी में रहते हैं। नरेंद्र का इसी साल भारतीय पुलिस सेवा के लिए सिलेक्शन हुआ है। रावत अभी ट्रेनिंग पीरिएड पर हैं। 6 दिसंबर 2021 को उनकी शादी यहां नक्षत्र वाटिका में आयोजित की गई थी।
घटना के बाद सीसीटीवी चेक किए गए। इनमें कुछ लड़के संदिग्ध दिखाई दिए। इनके चेहरे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। मामले में कोतवाली थाना पुलिस को सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही संदिग्धों को पकड़ा जाएगा और घटना का खुलासा करेंगे।
यहां दोपहर में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी वर-वधू को आशीर्वाद और शुभकामनाएं देने पहुंचे थे। इस दौरान सिंधिया ने नरेंद्र के पिता रमेश रावत समेत परिवारजनों से भी मुलाकात की थी। इस मौके पर मंत्री सुरेश राठखेड़ा, राजू बाथम, विधायक वीरेंद्र रघुवंशी भी मौजूद थे।
नरेंद्र शिवपुरी में ही केजी से हाईस्कूल तक पढ़े। आईआईटी के जरिए सेलेक्ट होकर उन्होंने बीएचयू से केमिकल ब्रांच से बीटेक किया। साल 2013 में बीटेक पूरा किया। इसके बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू की। दिसंबर-2018 में मेन एग्जाम में सफलता मिली। यूपीएससी 2020 में 165वीं रैंक हालिस की। नरेंद्र ने ये रैंक चौथे अटेम्ट में हासिल की। साल 2018 में यूपीएससी से वे डीएफओ के पद पर चयनित हुए थे और बैतूल में डीएफओ बनाए गए थे।
नरेंद्र के पिता रमेश रावत किसान हैं। उनके चार बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी की शादी हो गई है। दूसरे नंबर पर नरेंद्र हैं। साल 2019 में भी नरेंद्र का यूपीएससी के लिए चयन हुआ और उन्हें आईपीएस तो मिला, लेकिन मप्र प्रदेश काडर न मिलने के कारण उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। इस बार उन्हें यूपीएससी में 165वीं रैंक मिली। नरेंद्र की दोनों छोटी बहनें सुमन और दीपा भी यूपीएससी और एमपी पीएससी की तैयारी कर रही हैं। सुमन ने मेंस दिया है, जबकि दीपा एमपीपीएससी का प्री-एग्जाम दे चुकी हैं।
