जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देकर जल्द हो चुनाव, तभी विकास संभव: गुलाम नबी आजाद

नई दिल्ली
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने सरकार से संसद में एक विधेयक लाने और जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने का अनुरोध किया है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर जम्मू-कश्मीर में गैर स्थानीय लोगों को नौकरी और जमीन दी जाएगी, तो उससे नुकसान हो सकता है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। ये पूरी तरह से अनुच्छेद 370 का हनन है। वहीं हाल ही में नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 पर कांग्रेस की चुप्पी की आलोचना की थी। इस पर आजाद ने बिना नाम लिए कहा कि अभी मामला सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष है और उन्होंने कई बार विपक्ष के नेता के तौर पर संसद में इस फैसले का विरोध किया था।
 

पुंछ के दौरे पर गए कांग्रेस नेता आजाद ने कहा कि इस सीमावर्ती जिले में हिंदू, मुस्लिम और सिख एक साथ रहते हैं। हमारे देश, राज्य (यूटी) में धर्मनिरपेक्षता की पहचान ये है कि आपने लड़ाई जारी रखी और इस क्षेत्र की रक्षा की। कई क्षेत्रों में सेना और जनता के बीच तनाव है लेकिन पुंछ-राजौरी में उनके बीच कभी तनाव नहीं था। इसके अलावा उन्होंने जम्मू-कश्मीर की सभी पार्टियों से आग्रह किया कि वो केंद्र पर दबाव डालें, ताकि वहां पर जल्द विधानसभा के चुनाव हो सकें। चुनाव के बाद ही सीमावर्ती केंद्र शासित प्रदेश का विकास संभव है।
 

उन्होंने कहा कि इस समय मेरे लिए मुख्यमंत्री पद का कोई मतलब नहीं है, जब हमारे पास अपनी जमीन और नौकरियों की सुरक्षा का सबसे बड़ा मुद्दा है। अनुच्छेद 370 के संबंध में मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित है और कोई नहीं जानता कि इसका फैसला कब आएगा। तब तक हम इंतजार नहीं कर सकते और ना ही नौकरियां-जमीन दूसरे के हाथों में जाता देख सकते हैं।

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