विश्व हिन्दू परिषद का 238साल पुराने गोरकुंड को तोड़ने का विरोध
इंदौर
विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मंत्री मिलिंद परांडे ने बुधवार को इंदौर में जिला प्रशासन पर हिन्दू मंदिरों को तोड़ने और झाबुआ व अलीराजपुर में धर्मांतरण कराने के मामले में एसडीएम की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। परिषद की ओर से कहा गया है कि मध्यप्रदेश में इस तरह के कामों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए परिषद हिन्दू संस्कृति की अस्मिता और धरोहरों के संरक्षण के लिए अब और तेजी से विरोध करेगा।
परिषद के केंद्रीय मंत्री परांडे ने इंदौर में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि देशभर में हिन्दू धर्म के विरुद्ध कई प्रकार के षड़यंत्र चल रहे हैं। मध्यप्रदेश में वनवासी क्षेत्र में धर्मांतरण का काम भी इसमें शामिल है। उन्होंने कहा कि झाबुआ और अलीराजपुर जिलों में इसाई मिशनरियों द्वारा अवैध धर्मांतरण कराया जा रहा है। इसके लिए यहां 70 से अधिक प्रार्थना घर चलाए जा रहे हैं। यहां के एक एसडीएम पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इस अधिकारी द्वारा कलेक्टर के आदेश को न मानते हुए अवैध प्रार्थना घरों को संरक्षण दिया जा रहा है। विहिप इसका विरोध करेगी और धर्मांतरण का विरोध करेगी। उन्होंने 9 अगस्त को मूल निवासी दिवस या आदिवासी दिवस को मनाने का विरोध करते हुए कहा कि यह इसाइयों द्वारा तैयार किया गया कुचक्र है। देश में विहिप जनजातीय गौरव दिवस 15 नवम्बर को मनाने के सरकार के फैसले के साथ है।
परांडे ने कहा कि इंदौर में 238 साल पुराने दस्तावेज होल्कर कालीन धर्मस्थल के सामने आए हैं। इसमें गोरकुंड जिसका प्राचीन नाम गणेश बाग है, को तोड़ने का काम स्मार्ट सिटी एक्ट बनाकर किया जा रहा है। यह हिन्दू मंदिरों को तोड़ने की इंदौर के अफसरों की साजिश है जिससे हिन्दुओं का भावना आहत होती है।
