पर्सनल लोन लेने की जल्दबाजी फीका न कर दे त्योहार का रंग

नई दिल्ली
फिनटेक फर्म अपवर्ड्स के सह संस्थापक निमेष वर्मा ने बताया कि प्रमाणित फिनटेक कंपनियों को सिर्फ ग्राहक की केवाईसी और बैंकिंग डिटेल की जरूरत पड़ती है। ऐसे फिनटेक फर्म कोई अतिरिक्त शुल्क या अन्य जानकारियां नहीं मांगते हैं।

ग्राहक से तीन महीने का बैंक स्टेटमेंट, आधार या पैन कार्ड की कॉपी लेकर कुछ ही मिनटों में ही लोन दे देते हैं। कुछ फिनटेक बिना दस्तावेज के ही लोन देने की बात करते हैं, जिनसे सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे एप का किसी बैंक या एनबीएफसी से संबंध नहीं होता। ये ग्राहक को लालच देकर फंसा लेते हैं और उनसे शुल्क व अन्य प्रॉसेस के नाम पर पैसे वसूलते हैं।

जब कर्जदार गूगल प्ले स्टोर से ऐसे एप डाउनलोड करते हैं, तभी यह शर्त स्वीकार कराई जाती है कि एप को उनकी पर्सनल डिटेल और कॉन्टैक्ट लिस्ट साझा की जा रही है। जब ग्राहक एप को डाउनलोड कर जरूरी दस्तावेज अपलोड करता है तो कुछ मिनटों बाद ही उसके खाते में रकम डाल दी जाती है। इसके बाद शुरू होता है, फंसाने का सिलसिला। फिर 20-30 एप के टेलीकॉलर ग्राहक को फोन कर बताते हैं कि उनके अच्छे रिकॉर्ड के कारण उनकी कंपनी भी लोन देना चाहती है। इस लालच में ग्राहक फंसकर बिना जरूरत ढेर सारा लोन लेते हैं।

ऐसे एप 30 से 35 फीसदी का सालाना ब्याज तो लेते ही हैं। साथ ही ड्यू डेट पर पुनर्भगतान न करने पर प्रतिदिन 3,000 रुपये तक का जुर्माना लगाते हैं। कई एप तो लोन देने के पहले ही प्रोसेसिंग शुल्क और जीएसटी के नाम पर बड़ी रकम काट देते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई 10 हजार रुपये का लोन ले रहा है तो उससे प्रोसेसिंग और जीएसटी के नाम पर 2,300 रुपये तक की रकम काटकर महज 7,700 रुपये दिए जाते हैं।

जब पैसे की तुरंत जरूरत होती है तो लोग एक साथ कई बैंकों में लोन का आवेदन कर देते हैं ताकि पैसा कहीं से भी मिल जाए। ऐसा लोग इसलिए करते हैं कि लोन रिजेक्शन कम-से-कम हो, लेकिन इससे बचना चाहिए। पर्सनल लोन के लिए एक साथ कई बैंकों में आवेदन करते समय आवेदन प्रभावित हो सकता है क्योंकि सभी प्रमुख वित्तीय संस्थान सिबिल स्कोर से क्रेडिट स्कोर जांचते हैं। ज्यादा बैंक के पास जाने से यह संदेश जाएगा कि आपको पर्सनल लोन की सख्त जरूरत है। इससे आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचेगा।

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