जलवायु परिवर्तन नीतियां न्यायपूर्ण और व्यावहारिक होनी चाहिए : गौतम अदाणी
- कई नए उद्योग बनाने के लिए एनर्जी ट्रांजिशन
- भारत दुनिया में सबसे सस्ता हाइड्रोजन उत्पादन करेगा
- लंदन के साइंस म्यूज़ियम में यूके सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी की टिप्पणी।
- गौतम अदाणी ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में न्यायपूर्ण और व्यावहारिक नीतियों की मांग की और व्यावहारिक लक्ष्य एवं एजेंडा निर्धारित करने की सिफारिश किया।
- अदाणीकी पोर्टफोलियो कंपनियां रिन्यूएबल एनर्जी वैल्यू चेन में 50-70 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश करेंगी और इन कंपनियों ने 2030 तक एनर्जी ट्रांजिशन के लिए नियोजित कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) का 70%देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
- हाइड्रोजन एक गेम चेंजर है और अदाणी का ग्रीन एनर्जी पोर्टफोलियो दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादकों में से एक बनने के लिए अपना विस्तार करेगा।
नई दिल्ली
भारत के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर समूह, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन संकट का प्रबंधन करने और उससे उबरने के लिए बनाई जाने वाली नीतियां न्यायपूर्ण और व्यावहारिक होनी चाहिए।
लंदन साइंस म्यूज़ियम में यूके के ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के मौके पर आयोजन स्थल के साइडलाइंस मेंबिजनेस लीडर्स से बात करते हुए, श्री अदाणी ने कहा कि हरित नीतियां और जलवायु कार्रवाई जो न्यायपूर्ण विकास पर आधारित नहीं है, लंबे समय में संकटग्रस्त हो जाएंगी। उन्होंने कहाकि निर्णयकर्ताओं को जलवायु रणनीतियों और समस्याओं को कम करने के उपायों को विकसित करते समय कमजोर लोगों की आवाजों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इाज जरूरत एक कोलाबोरेटिव नजरिया अपनाने की है, जिसमें बीते समय में अधिक ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जनकरने वाले विकसित राष्ट्रों को अधिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और ऐसी नीतियों तथा लक्ष्यों को प्रस्तावित करना चाहिए हैं जो विकासशील दुनिया की जरूरतों को न्यायपूर्वक संबोधित करते हों।
श्री अदाणी ने कहाकि "नेट ज़ीरो लक्ष्यों की अत्यधिक आवश्यकता को देखते हुए, एक कंपनी की सस्टेनेबिलिटी इनिशिएटिव्स को राष्ट्र के सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों के अनुरूप होना चाहिए। हमें स्वीकार करना होगा कि 2015 के सीओपी 21 शिखर सम्मेलन के बाद से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए साहसिक कदम के जरिये भारत ने अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी है और जलवायु परिवर्तन को संबोधित करने के मामले में भारत दुनिया के सबसे जिम्मेदार प्रमुख देशों में से एक के रूप में उभरा है। हालांकिकिसी भी राष्ट्र की सस्टेनेबिलिटी की यात्रा के केंद्र में न्यायपूर्ण विकास का सिद्धांत निहित है, और एक नेट ज़ीरो संख्या जो राष्ट्र के विकास के एजेंडे के अनुरूप न हो, वैश्विक सस्टेनेबिलिटी पहलों में अधिक असमानता पैदा कर सकती है।”
श्री अदाणी ने कहा कि "हम सही जगह पर ही निवेश कर रहे हैं,और अदाणी की पोर्टफोलियो कंपनियां देश की प्रतिबद्धता का सम्मान करने के लिए निवेश योजनाओं के साथ आगे बढ़ रही हैं। अदाणी की लॉजिस्टिक्स कंपनी एपीएसईज़ेड ने एसबीटीआई (साइंस बेस्ड टारगेट्सइनिशिएटिव) के जरिये 1.5-डिग्री मार्ग के लिए प्रतिबद्ध है, जैसे कि अदाणी की रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी, एजीईएल है। अदाणी ट्रांसमिशन ने भी यही प्रतिबद्धता जताई है और अन्य पोर्टफोलियो कंपनियां 1.5-डिग्री की राह पर प्रतिबद्ध होने की दिशा में काम कर रही हैं। अदाणी पहली भारतीय डेटा सेंटर कंपनी को भी इनक्यूबेट कर रहा है जो 2030 तक अपने सभी डेटा सेंटर्स को रिन्यूएबल एनर्जी से बिजली प्रदान करेगी। इसके अलावा, एजीईएल अगले चार वर्षों में अपनी रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन क्षमता को तीन गुना कर देगा, जो दुनिया में किसी भी कंपनी के मुकाबले बेजोड़ पैमाने और गति का प्रमाण है। एजीईएल दुनिया के सबसे बड़े सोलर एनर्जी डेवलपर के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है, जिसने निर्धारित समय से चार साल पहले 25गीगावाट का अपना प्रारंभिक लक्ष्य हासिल कर लिया है।
श्री अदाणी ने कहा कि "इस बदलाव के कई आयाम हैं जो न केवल ऊर्जा की दुनिया बल्कि रसायनों, प्लास्टिक, मोबिलिटी, कंप्यूटिंग और धातुओं की दुनिया को भी प्रभावित करेंगे। एक पर्यावरण-अनुकूल दुनिया के दृष्टिकोण को हासिल करना, काफी हद तक हाइड्रोजन उत्पादन की क्षमता पर निर्भर करेगा, जो ऊर्जा का स्रोत है और हमारे दैनिक जीवन में उपयोग किए जाने वाले कई डाउनस्ट्रीम उत्पादों के लिए फीडस्टॉक दोनों है। यही पूरी तरह से नए उद्योग निर्माण करने की संभावना के साथ एनर्जी ट्रांजिशन की दुनिया को इतना डिसरप्टिव बनाता है। अदाणी ग्रुप पूरे वैल्यू चेन में विशिष्ट स्थिति में है जिसे आने वाले वर्षों में नया रूप दिया जाएगा।
श्री अदाणी ने कहा किअगले दशक में, ऊर्जा और यूटिलिटी बिजनेस में अदाणी पोर्टफोलियो कंपनियां रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन में20 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश करेंगी और संपूर्ण ग्रीन एनर्जी वैल्यू चेन में समग्र ऑरगेनिक और इनऑरगेनिक निवेश 50 बिलियन से70 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बीच होगा। 2030 तक इसके नियोजित कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) का 70% से अधिक स्थायी प्रौद्योगिकियों में होगा। इसमें इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण, सौर और पवन उत्पादन व्यवसायों के लिए आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने के लिए कम्पोनेंट मैन्यूफक्चरिंग के लिए बैकवर्ड इंटीग्रेशन और एआई-आधारित यूटिलिटी और औद्योगिक क्लाउड प्लेटफॉर्म के लिए संभावित भागीदारों के साथ निवेश शामिल है। अगर भारत की लागत और स्थानीय लाभों को एक साथ जोड़ दें तो यह अदाणी को दुनिया के सबसे कम खर्चीले ग्रीन इलेक्ट्रॉन का उत्पादन करने और 2030 तक दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो बनने की राह पर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अदाणी के दुनिया के सबसे बड़े हरित हाइड्रोजन उत्पादकों में से एक उत्पादक बनने की नींव रखेगा और, बदले में, भारत को दुनिया का सबसे सस्ता हाइड्रोजन का उत्पादक बना देगा।
अदाणी ने ‘एनर्जी रिवोल्यूशन: द अदाणी ग्रीन एनर्जी गैलरी’के प्राथमिक प्रायोजक के रूप में भी हस्ताक्षर किए हैं। ‘एनर्जी रिवोल्यूशन: द अदाणी ग्रीन एनर्जी गैलरी’साइंस म्यूज़ियम की ऐतिहासिक नई गैलरी है जो इस बात की जांच करती है कि जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए दुनिया इतिहास में सबसे तेज एनर्जी ट्रांजिशन से कैसे गुजर सकती है। गैलरी नवीनतम जलवायु विज्ञान और जीवाश्म ईंधन पर वैश्विक निर्भरता को कम करने के लिए आवश्यक एनर्जी रिवोल्यूशन का पता लगाएगी और ग्लोबल वार्मिंग को पूर्व-औद्योगिक स्तरों से लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के पेरिस लक्ष्यों को हासिल करेगी। यह घोषणा यूनाइटेड किंगडम के प्रधान मंत्री श्री बोरिस जॉनसन द्वारा म्यूज़ियम मेंआयोजित ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में की गई।
संपादकों के लिए नोट
यूके सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 19 अक्टूबर को लंदन के साइंस म्यूज़ियम में आयोजित किया गया था। इसमें प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन, राज परिवार के सदस्य, ब्रिटिश सांसद, टेक्नोलॉजिस्ट्स और ग्लोबल इन्वेस्टर्स शामिल थे।
अदाणी के बारे में
अदाणी इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो 123 बिलियन अमेरिकी डॉलर के संयुक्त मार्केट कैप के साथ भारत का सबसे बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एसेट प्लेटफॉर्म है। सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली छह कंपनियों के पोर्टफोलियो में अखिल भारतीय उपस्थिति के साथ विश्व स्तरीय परिवहन और यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां शामिल हैं। अदाणी का मुख्यालय भारत के गुजरात राज्य के अहमदाबाद में है।
अदाणी अपनी सफलता और नेतृत्व की स्थिति का श्रेय 'ग्रोथ विथ गुडनेस' द्वारा संचालित 'राष्ट्र निर्माण' के अपने मूल दर्शन को देते हैं, जो अंतर-पीढ़ीगत सस्टेनेबल निवेश, मूल्य निर्माण और विकास के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत है। अदाणी की पोर्टफोलियो कंपनियां यूएनएसडीजी सिद्धांतों के आधार पर अपने सीएसआर कार्यक्रम के जरिये थ्लाइमेट रेजिलियंस और सामुदायिक पहुंच बढ़ाने पर जोर देती है और व्यवसायों को फिर से संगठित करके अपने ईएसजी फुटप्रिंट्स को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
