टमाटर सेंचुरी से थोड़ा पीछे, प्याज की कीमत बफर स्टॉक से कम करने की कोशिश
नई दिल्ली
पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि और बेमौसम बारिश के कारण सब्जियों की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। टमाटर सेंचुरी से थोड़ा पीछे है, जबकि प्याज आंसू निकाल रहा है। उधर, आलू की कीमत में भी नरमी नहीं आ रही है। ऐसे में बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार बफर स्टॉक से कीमते काबू में करने की कोशिश कर रही है। महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। दिल्ली में प्याज 50 से 55 रुपये किलो बिक रहा है, वहीं टमाटर के दाम 70 से 80 रुपये किलो तक पहुंच चुके हैं। अप्रैल से लेकर अब तक टमाटर के दाम 71 से 143 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान हिमाचल और हरियाणा से आने वाले टमाटर की खेप प्रभावित हुई है। हिमाचल में मॉनसून से पहले की बारिश ने टमाटर की काफी फसल बर्बाद कर दी। इस वजह से टमाटर मंडी में कम आया है। कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में टमाटर और प्याज के बड़े उत्पादक और सप्लायर राज्य हैं, लेकिन यहां सितंबर में हुई बारिश ने इसकी फसल चौपट कर दी।
उधर, खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक, सरकार उन राज्यों में बफर स्टॉक जारी करके प्याज की कीमत को स्थिर करने की कोशिश कर रही है जहां प्याज औसत मूल्य से ऊपर बेचा जा रहा है। देश की प्रमुख तीन सब्जियों(आलू, प्याज और टमाटर) की कीमत पिछले महीने से बढ़ रही है। मंत्रालय की ओर से ये भी बताया गया है कि प्याज का स्टॉक अगस्त के अंतिम सप्ताह से बाजार में जारी किया जा रहा है ताकि कीमतों में नरमी बनी रहे और भंडारण के कारण होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि 12 अक्टूबर को दिल्ली, कोलकाता, लखनऊ, पटना, रांची, गुवाहाटी, भुवनेश्वर, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई, चंडीगढ़, कोच्चि और रायपुर जैसे प्रमुख बाजारों में कुल 67,357 टन प्याज जारी किया गया है। सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने बफर स्टॉक से ₹21प्रति किलोग्राम की एक्स-स्टोरेज दर पर प्याज बेचने की पेशकश की है। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि आलू और टमाटर की कीमतों को कम करने के लिए इसी तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।
