महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के विकास को नई दिशा देंगे : उच्च शिक्षा मंत्री डा. यादव
भोपाल
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार छतरपुर के महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के विकास के लिए संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि इसे पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय का नया भवन स्वीकृत किया गया है और जिस महाराजा कॉलेज का संविलयन किया है वहां इसी सत्र से 21 नए अध्ययन विभाग खोल कर 18 नए पाठ्यक्रम प्रारम्भ किये जा रहा रहे हैं। यहाँ रिसर्च की गतिविधि भी शुरू होगी। विश्वविद्यालय को यूजीसी से अनुदान भी मिल सकेगा।
महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर, बुंदेलखंड क्षेत्र की ऐतिहासिक, कला, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहर को संरक्षित करते हुए ज्ञान का केंद्र बनेगा। यह विश्वविद्यालय बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास में भी योगदान दें, इसके लिए कार्य योजना बनाकर प्रयास किए जाएंगे। विश्वविद्यालय के विकास को एक नई दिशा प्रदान की जाएगी।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय का नवीन भवन स्वीकृत किया गया है और शीघ्र ही निर्माण प्रारम्भ हो जाएगा। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप 18 नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय में पिछले वर्ष चार अध्ययन विभाग खोले गए थे।
विश्वविद्यालय में 18 नए पाठ्यक्रम प्रारंभ होंगे
विश्वविद्यालय में इस सत्र से एमएससी कंप्यूटर साइंस, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी, एमए चित्रकला, एमए संगीत, यूजी एंड पीजी डिप्लोमा इन माइनिंग साइंस, पीजी डिप्लोमा इन टूरिज्म, डिप्लोमा इन कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियरिंग, यूजी डिप्लोमा इन इंटीरियर डिजाइनिंग, यूजी डिप्लोमा इन इंटरनेट ऑफ थिंग्स, यूजी डिप्लोमा इन परफॉर्मिंग आर्ट्स, यूजी डिप्लोमा इन वेब डिजाइनिंग एंड डेवलपमेंट, सर्टिफिकेट कोर्स इन कम्युनिकेशन स्किल्स, सर्टिफिकेट कोर्स इन डेस्कटॉप पब्लिशिंग, एमएस ऑफिस सर्टिफिकेशन प्रोग्राम, सर्टिफिकेशन कोर्स इन फोटोशॉप, सर्टिफिकेट कोर्स इन नेटवर्किंग, सर्टिफिकेट कोर्स इन कंप्यूटर एडेड डिजाइन एंड ड्राइंग, सर्टिफिकेट कोर्स इन डिजिटल मार्केटिंग, के पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएगें। यह सभी पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार होंगे।
विश्वविद्यालय में इसी सत्र से कृषि संकाय भी प्रारंभ करेगा। विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज, पैरामेडिकल कॉलेज, डिग्री इन नर्सिंग एवं पर्यटन संस्थान की स्थापना भी प्रस्तावित है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना से बुन्देलखंड क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विकास को नए आयाम मिलेंगे और युवाओं को नए पाठ्यक्रमों के माध्यम से रोजगार, स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
