महज 11 फीसदी लोग पूरी तरह से वैक्सिनेटेड, स्कूल, जिम, सिनेमा हॉल के खुलने से बढ़ेगा खतरा
नई दिल्ली
देश में कोरोना महामारी के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होने लगी है। स्कूल, जिम, सिनेमा हॉल,रेस्टोरेंट आदि को फिर से खोला जा रहा है। कोरोना महामारी इस साल दिसंबर माह में अपने दो साल पूरे कर लेगा ऐसे में लोगों ने कोरोना के साथ अब धीरे-धीरे जीना सीख लिया है और वह अपने सामान्य जीवन में लौटने भी लगे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या कोरोना की वैक्सीन लग जाने के बाद हम फिर से कोरोना आने से पहले वाली स्थिति में पहुंच सकते हैं, फिर से पुरानी दिनचर्या का पालन कर सकते हैं।
लोगों के लिए राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि कोरोना की वैक्सीन कारगर है। कई शोध में यह बात सामने आई है कि वैक्सीन लोगों को संक्रमण से सुरक्षा दे रही है। हाल ही में लैंसेट की रिसर्च में भी इस बात की पुष्टि की गई है कि वैक्सीन लगने के बाद लोगों को अस्पताल जाने की संभावना काफी कम हो जाती है। अमेरिका की सीडीसी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अगर किसी ने वैक्सीन ले ली है तो वह उस व्यक्ति की तुलना में कोरोना से 17 गुना अधिक सुरक्षित है जिसने वैक्सीन की डोज नहीं ली है। वैक्सीन लेने वाले व्यक्ति के अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 17 गुना कम हो जाती है। सिर्फ 11 फीसदी लोगों को दोनों टीके लगे दूसरी बड़ी बात यह है कि कोरोना वैक्सीन ने लोगों को एक बड़ी उम्मीद जरूर दी है लेकिन नए स्ट्रेन ने लोगों की चिंता को भी बढ़ा दिया है। 'Our World in Data' की वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार भारत में आबादी के लिहाज से टीकाकरण की रफ्तार काफी कम है। भारत में अभी भी सिर्फ 11 फीसदी लोगों को ही कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग सकी है। वहीं इस लिस्ट में यूएई पहले पायदान प है, वहां 74 फीसदी लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है।
