नाक से दिया जाने वाली वैक्सीन को दूसरे व तीसरे चरण के परीक्षण की मिली

मुंबई
 भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोविड-19 के नाक से दिये जा सकने वाले पहले टीके को दूसरे और तीसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण के लिए नियामक की मंजूरी मिल गयी है। जैवप्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने  यह जानकारी दी।

डीबीटी ने कहा कि 18 साल से 60 साल के आयुवर्ग के समूह में पहले चरण का क्लिनिकल परीक्षण पूरा हो गया है। उसने कहा, ‘भारत बायोटेक का नाक से दिया जाने वाला (इन्ट्रानेजल) टीका पहला नेजल टीका है जिसे दूसरे और तीसरे चरण के परीक्षण के लिए नियामक की मंजूरी मिल गयी है।’

यह इस तरह का पहला कोविड-19 टीका है जिसका भारत में मनुष्य पर क्लिनिकल परीक्षण होगा। यह टीका बीबीवी154 है जिसकी प्रौद्योगिकी भारत बायोटेक ने सेंट लुईस स्थित वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से प्राप्त की थी।

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