धनबाद के जज की मौत मामले की जांच ग्राउंड जीरो से शुरू करेगी सीबीआई

धनबाद
सीबीआई की दिल्ली क्राइम यूनिट-1 ने एडीजे-8 उत्तम आनंद की मौत मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। गुरुवार की सुबह सीबीआई टीम धनबाद पहुंच रही है। एसआईटी 29 जुलाई से चार अगस्त तक की गई जांच की हजारों पन्नों की रिपोर्ट सीबीआई को हैंडओवर करेगी। इसके लिए एसआईटी ने एक फार्मेट तैयार किया है। इंडेक्स और एनेक्सचर बना कर जांच का पुलिंदा तैयार किया गया है। गुरुवार की सुबह एसआईटी और सीबीआई के अधिकारियों के बीच बैठक होगी। बैठक में अभी तक हुई जांच का विवरण एसआईटी के अधिकारी सीबीआई अफसरों को बताएंगे। सीबीआई की टीम गुरुवार से ही जांच में जुट जाएगी। घटनास्थल यानी ग्राउंड जीरो से मामले की जांच शुरू की जाएगी। एसआईटी सीबीआई को घटना के मुख्य सीसीटीवी फुटेज के अलावा आठ से 10 अन्य स्थानों की सीसीटीवी फुटेज भी सौंपेगी, जिससे यह साबित हो सके कि जिस ऑटो से जज को टक्कर लगी है पुलिस ने उसी ऑटो को जब्त किया है। घटना के समय का ऑटो चालकों का मोबाइल लोकेशन भी सौंपा जाएगा। दर्जनों लोगों का मोबाइल सीडीआर और कॉल डंप की रिपोर्ट भी सीबीआई को सौंपी जाएगी। इसके अलावा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और वीडियोग्राफी भी टीम को दी जाएगी।

लखन और राहुल से पूछताछ करेगी सीबीआई
जज को टक्कर मारने के मामले में गिरफ्तार लखन वर्मा और राहुल वर्मा को रिमांड पर लेकर सीबीआई की टीम उनसे नए सिर से पूछताछ करेगी। सीबीआई ने जज की पत्नी कृति सिन्हा के आवेदन को आधार बना कर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। लिहाजा सीबीआई घटना के पीछे हत्या की साजिश का एंगल खंगालेगी। एसआईटी की तरह ही सीबीआई भी लखन और राहुल के मोबाइल से उनके संपर्कों को खंगालेगी। पाथरडीह से धनबाद स्टेशन, कोर्ट मोर्ट, गोविंदपुर होते हुए गिरिडीह तक पहुंचे ऑटो की पल-पल की जानकारी जुटाई जाएगी।

पहेली बना दूसरे राज्य से तार जुड़ने का जवाब
एसआईटी की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि जज की मौत मामले के तार दूसरे राज्यों से जुड़ा हो सक है। एसआईटी की इस जवाब से संभावनाओं के कई सवाल जन्म ले चुके हैं। पुलिस ने कोर्ट में झूठ पकड़ने संबंधी चार तरह के टेस्ट की मांग कर स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों का मुंह नहीं खुलवा सकी है। अब सवाल उठता है कि दोनों पुलिस को यदि झूठ बोल रहे हैं तो उनके साथ मिलकर साजिश रचने वाले लोग कौन हैं। लखन व राहुल के साजिशकर्ताओं से कनेक्शन की पुष्टि कैसे हो रही है। यदि वाकई उनका कनेक्शन किसी किसी दूसरे राज्य के साजिशकर्ताओं से है तो वे लोग कौन और किस राज्य से हैं। सीबीआई इस पहली को सुलझाएगी।

सीबीआई ही कराएगी ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट
आरोपियों से पूछताछ में यदि एसआईटी की तरह सीबीआई भी संतुष्ट नहीं होती है तो स्पेशल क्राइम यूनिट के अधिकारी न्यायालय में लखन और राहुल की ब्रेन मैपिंग, नार्को और पॉलीग्राफी टेस्ट की अनुमति मांग सकती है। हालांकि पूछताछ में ही यदि सीबीआई को कांड से जुड़ी जरूरी जानकारी मिल गई तो उसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाएगी। सीबीआई घटनास्थल पर सीन को रिक्रिएट कर सकती है। एसआईटी के इतर भी अन्य पक्षों से सीबीआई के अधिकारी पूछताछ कर सकते हैं।
 

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