स्वस्थ पर्यावरण के लिये शीघ्र कार्बन-मुक्त नवकरणीय ऊर्जा अपनाने की आवश्यकता

भोपाल

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने कहा कि पूरे विश्व में जलवायु संकट गहराता जा रहा है। भावी पीढ़ी को स्वस्थ पर्यावरण सौंपने के लिये हमें ऊर्जा स्रोतों को 100 प्रतिशत कार्बन-मुक्त नवकरणीय ऊर्जा की ओर जल्द से जल्द स्थानांतरित करना होगा। मंत्री डंग आज राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित 6 दिवसीय “सौर ऑफ-ग्रिड इंटरप्रेन्योर हेण्ड्स-ऑन ट्रेनिंग प्रोग्राम’’ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के 10 पॉलीटेक्निक के 160 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

मंत्री डंग ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के साथ एनर्जी स्वराज फाउण्डेशन की यह पहल शैक्षणिक संस्थानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्म-निर्भर बनाकर इतिहास में एक अलग पहचान बनायेगी। उन्होंने प्रो. चेतन सोलंकी को इस व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिये धन्यवाद देते हुए कहा कि देशभर में इस तरह के प्रशिक्षण होने चाहिये, ताकि आत्म-निर्भर भारत का सपना जल्दी साकार हो सके। ऊर्जा की पर्याप्त उपलब्धता के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्म-निर्भर भारत’ और ‘वोकल एबाउट लोकल’ को अपनाने की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश अक्षय ऊर्जा के माध्यम से शानदार प्रगति करते हुए देश में अग्रणी स्थान की ओर बढ़ रहा है। इससे कोयले के भण्डारों की बचत के साथ ही कार्बन फ्री ऊर्जा में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

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