भड़ली नवमी आज, मुहूर्त देखे बिना भी किया जा सकता है विवाह या मांगलिक कार्य 

 नई दिल्ली 
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भड़ली नवमी कहा जाता है। इस तिथि को भड़ाल्या, कंदर्प नवमी भी कहते हैं। इस साल भड़ली नवमी 18 जुलाई, रविवार को पड़ रही है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, यह शुभ विवाह या मांगलिक कार्यों के लिए अंतिम तिथि होती है। इसके बाद देवशयनी एकादशी आती है। इस दिन भगवान विष्णु अगले चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इस दौरान शुभ व मांगलिक कार्यों पर रोक होती है। मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के बाद मांगलिक कार्यों में भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त नहीं हो पाता है।
 

भड़ली नवमी 18 जुलाई को सुबह 02 बजकर 41 मिनट से शुरू होगी। जिसका समापन देर रात 12 बजकर 28 मिनट पर होगा। इस दिन रवि और साध्य योग भी बन रहे हैं। साध्य योग रात 01 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। मान्यता है कि इन योग में किए गए कार्य सफल होते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *