ओलंपिक खेलों के दौरान कोरोना के तेजी से फैलने की आशंकाएं, खेल रोकने के लिए हो सकते हैं हिंसक हमले

तोक्यो
जापान में ओलंपिक खेलों के दौरान कोरोना महामारी के तेजी से फैलने की आशंकाएं लगातार गहराती जा रही हैं। रविवार को आए एक मेहमान दल का एक सदस्य संक्रमित पाया गया। इस बीच यहां सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा है कि ओलंपिक विरोधी बड़े जनप्रदर्शन की तैयारियां की जा रही हैं। इसे देखते हुए तोक्यो पुलिस को अति सतर्क रहने को कहा गया है। ओलंपिक खेल 23 जुलाई से आठ अगस्त तक आयोजित होने हैं।

रविवार को सर्बिया का ओलंपिक दल यहां पहुंचा, तो उसका एक सदस्य कोविड-19 वायरस से संक्रमित पाया गया। अब तक ओलंपिक खेलों के लिए कुल तीन विदेशी एथिलीट कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। सर्बियाई टीम का हवाई अड्डे पर एंटीजेन टेस्ट किया गया। उसी दौरान उसे पॉजिटिव पाया गया। इस बीच बीते शनिवार को तोक्यो में कोरोना संक्रमण के 716 नए मामले सामने आए। इससे संकेत मिला कि संक्रमण के मामलों का बढ़ना लगातार जारी है। इसे देखते हुए ओलंपिक आयोजन को लेकर जापान की सरकार की आलोचना और तीखी हो गई है।

टोक्यो की नगर पुलिस अभी ओलंपिक स्थलों और उसके आसपास की जगहों की सूची तैयार करने में जुटी हुई है। इस बीच इन खेलों को रद्द करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। कई संगठनों ने कहा है कि अगर खेलों को रद्द करना संभव ना हो, तो खेल स्थलों पर दर्शकों के आने पर पूरी रोक लगाई जानी चाहिए। इस बीच सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ओलंपिक विरोधी प्रदर्शनकारी अचानक हिंसक प्रदर्शन कर सकते हैं, ताकि इन खेलों को रद्द कराया जा सके।

तोक्यो पुलिस ने इस चेतावनी को देखते हुए अपनी आतंकवाद और दंगा विरोधी तैयारियां और पुख्ता करने का फैसला किया है। यहां के अखबार जापान टाइम्स के मुताबिक इस सिलसिले में अतिरिक्त बल जुटाए गए हैं और अधिकारियों ने लगातार बैठकें की हैं। खेलों के दौरान दस हजार तक दर्शकों को स्टेडियम में जाने की इजाजत दी गई है। पुलिस की चिंता इस बात से ज्यादा बढ़ी है कि देश में ओलंपिक आयोजन विरोधी भावनाएं लगातार बनी हुई हैं। हाल में कुछ खेल स्थलों पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किए हैं।

बीते 23 जून को एक जन संगठन ने तोक्यो के नगर प्रशासन के सामने एक बड़ा प्रदर्शन किया था। एक पुलिस अधिकारी ने जापान टाइम्स से कहा कि उस प्रदर्शन में उससे कहीं ज्यादा लोग शामिल हुए, जिसका अनुमान पुलिस ने लगाया था। पुलिस को अब खबर मिली है कि ओलंपिक आयोजन विरोधी संगठन 23 जुलाई को उससे भी बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ और सेइवा यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर दाइजू वाडा ने जापान टाइम्स से कहा कि ओलंपिक विरोधी भावनाओं को देखते हुए संभव है कि कोई आतंकवादी हमला भी हो। वाडा ने कहा- ‘कोरोना वायरस ने लोगों को बांट दिया है। ओलंपिक के खिलाफ मजबूत जनभावना है। इन खेलों के लिए अचानक कोई हिंसक घटना हो सकती है।’ वाडा ने लोगों को सलाह दी है कि वे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ना जाएं। उनके मुताबिक ऐसे स्थान हिंसक हमलों का निशाना बन सकते हैं।

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