बैस जी से मुलाकात का राजनीतिक अर्थ न निकालें – डा. रमन

रायपुर
राजनीतिक उतार-चढ़ाव का बहाव देखें जब राज्य में भाजपा की सरकार थी तब पार्टी के वरिष्ठ नेता रमेश बैस पूरी तरह उपेक्षित रहे थे। इस बीच राज्य में भाजपा की सरकार चली गई वहीं बैंस को त्रिपुरा का राज्यपाल बना दिया गया। डा.रमनसिंह व बैस के बीच दूरियां थीं.यह बात आते जाते रही। यह सबको मालूम हैं। अब सूबे में कांग्रेस की सरकार है और पार्टी का प्रदर्शन 14 विधायकों के साथ काफी कमजोर नजर आ रहा है। राष्ट्रीय प्रभारी से लेकर प्रादेशिक स्तर पर कई स्तर के सांगठनिक बदलाव हो चुके हैं लेकिन कोई खास असर नहीं दिख रहा है। दरअसल इतनी सारी बातें इसलिए उठ रही है कि राज्यपाल रमेश बैस से मिलने के लिए अकेले डा.रमनसिंह अचानक रविवार को उनके घर पहुंचे और काफी लंबे समय तक दोनों के बीच चर्चा हुई। हालांकि इसे सौजन्य मुलाकात बताकर टालने की कोशिश की गई लेकिन सियासी गलियारे में चर्चा है कि पार्टीगत चर्चा के लिए दोनों बैठे थे।

पूर्व सीएम रमन सिंह ने रविवार को त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों को लेकर लंबी चर्चा हुई। रमेश बैस से मुलाकात के बाद रमन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ये हमारी सौजन्य मुलाकात है। वे अनुभवी व्यक्ति हैं, उनके अनुभव का लाभ लेना जरूरी है। पारिवारिक रूप से मिलने गए थे।

पूर्व सीएम रमन सिंह ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर कहा कि बदलाव का निर्णय उचित स्तर पर होता है। हम लोग तो छत्तीसगढ़ को देख रहे हैं। वहीं, उत्तराखंड में बार-बार सीएम बदले जाने को लेकर कहा कि उत्तराखंड में तकनीकी कारण से बदलाव हो रहे हैं। यह बात सही है कि अभी संगठन की दृष्टि से निर्णय लिया गया। कुछ लाभ होगा इसलिए यह परिवर्तन किया गया, जो निर्णय लिया है उससे आने वाले चुनाव में लाभ मिलेगा। ज्ञात हो कि तीरथ सिंह रावत के मुख्यमंत्री बनने में रमन सिंह ने अहम भूमिका निभाई थी। 

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