कैबिनेट : सर्व संसाधन युक्त 9200 स्कूलों के लिए 6952 करोड़ मंजूर
भोपाल
प्रदेश में सर्व संसाधन युक्त विद्यालयों के लिए कैबिनेट ने मंगलवार को 6952 करोड़ रुपए की मंजूरी दी पहले चरण में प्रदेश में 350 स्कूल शुरु किए जाएंगे। वहीं प्रदेश के रेत खदानों के ठेके दस प्रतिशत वृद्धि के साथ दूसरे साल भी जारी रखने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश में कुल 9200 विद्यालयों को सर्व संसाधन युक्त विद्यालय के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। जिसमें से प्रथम चरण में 350 विद्यालयों को तीन वर्ष में तथा शेष 8850 विद्यालयों को आगामी वर्षो में सर्व संसाधन सम्पन्न बनाया जाना प्रस्तावित है। प्रथम चरण में प्रत्येक जिला स्तर पर एक विद्यालय (52 विद्यालय), जिला मुख्यालय वाले विकासखंड को छोड़कर अन्य सभी विकासखंड स्तर पर एक विद्यालय (261 विद्यालय) तथा बड़े नगरों एवं सुविधाविहीन स्थानों में 37 विद्यालय स्थापित किए जाएंगे।
पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12 वीं तक संचालित होने वाले इन विद्यालयों में सर्व सुविधायुक्त अधोसंरचना, गुणवत्ता युक्त स्मार्ट कक्षाएं सभी प्रकार की प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कला, संगीत, खेलकूद एवं परिवहन सुविधा इत्यादि की व्यवस्था रहेगी। कोविड के कारण रेत खदानों का कारोबार भी प्रभावित हुआ है। उन्हें राहत देने के लिए मध्यप्रदेश रेत नियम के प्रावधान अनुसार वर्ष 2021-22 के लिये एक जुलाई 2021 को लगने वाली 10 प्रतिशत की वार्षिक वृद्वि को बिना ब्याज के लिया जाएगा। विधायक स्वेच्छानुदान राशि कोविड सुरक्षा पर भी खर्च की जा सके इसके लिए योजना के प्रावधानों में भी परिवर्तन किया जा रहा है। 1 जुलाई 2022 को वर्ष 2022-23 के लिये 10 प्रतिशत की वार्षिक वृद्वि पर ठेकेदारों को ठेके पुन: आवंटित किए जाएंगे। इसके अलावा रेत समूह के ठेकेदारों द्वारा माह मई से सितंबर 2021 की मासिक देय किश्त राशि का न्यूनतम 50 प्रतिशत राशि का भुगतान माह के प्रथम दिवस में देय होगा।
मई 2021 में उपरोक्त जमा राशि की मात्रा एवं पूर्व में उपलब्ध स्टॉक से अधिक मात्रा की रेत विक्रय करने की स्थिति में ठेकेदार को माह मई 2021 की जमा किश्त राशि से अधिक विक्रित मात्रा की राशि माह जून,2021 के प्रथम दिवस को जमा कराई जाएगी। यही प्रक्रिया आगामी माहों के लिये भी लागू होगी। शेष राशि को बिना ब्याज के लिया जाएगा। जिन रेत समूहों के ठेके 30 जून,2023 तक अनुबंधित हैं, उनसे बकाया राशि की वसूली 1 अप्रैल 2022 से तिमाही किश्त के रूप में पाँच समान किश्तों में वसूल की जाएगी। जिन रेत समूहों के ठेके 30 जून 2022 को समाप्त हो रहे है, वे मध्यप्रदेश शासन खनिज साधन विभाग के परिपत्र 26 मई 2020 के अनुसार 30 जून 2023 तक ठेका वृद्वि प्राप्त करने का विकल्प 31 जुलाई 2021 तक प्राप्त कर सकेंगे। जिन ठेकेदारों द्वारा ठेका वृद्वि का विकल्प नहीं चुना जाता, उन्हें विहित प्रावधान अनुसार विलंबित राशि का भुगतान 1 जनवरी 2022 से 6 समान मासिक किश्तों में करना होगा।
ठेकेदार को बढ़ी हुई अवधि के लिये 30 सिंतबर 2021 तक पूरक अनुबंध का निष्पादन करना होगा। इस नियत अवधि में पूरक अनुबंध निष्पादित नहीं करने की स्थिति में ठेकेदार उपरोक्त लाभ प्राप्त नहीं कर सकेंगे। जिन ठेकेदारों द्वारा माह मई, 2021 की सम्पूर्ण किश्त राशि जमा कर दी गई है उस राशि को उपरोक्तानुसार समायोजित किया जायेगा। यह लाभ, केवल उन्हीं ठेकेदारों को दिया जाएगा, जिनके द्वारा अप्रैल 2021 तक की सम्पूर्ण देय बकाया राशि/ किश्तों का भुगतान किया गया है एवं उनके द्वारा इस राहत को प्राप्त करने के लिए सहमति प्रदान कर दी जाती है।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के 33 रिक्त पदों को समर्पित कर जिला लोक अभियोजन अधिकारी के 33 नये पदों के सृजन और नर्मदा घाटी विकास विभाग को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के लिए आवंटित राशि 300 करोड़ रुपए को नर्मदा बेसिन प्रोजक्ट्स कंपनी लिमिटेड को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के 6 पदों को अस्थाई रूप से 2 वर्ष की अवधि के लिये निर्मित करने के लिए विभाग द्वारा जारी आदेश 30 दिसम्बर 2020 का अनुसमर्थन किया।
