पहलवान सागर हत्याकांड: मकोका लगाने की तैयारी में दिल्ली पुलिस
नयी दिल्ली
पहलवान सागर हत्याकांड में गिरफ्तार ओलिंपिक विजेता पहलवान सुशील कुमार की गिरफ्तारी के इतने दिनों बाद भी दिल्ली पुलिस कोई ठोस गवाह तलाश नहीं कर पायी है. सुशील कुमार के खिलाफ कई पुराने मामले भी खंगाले जा रहे हैं. इसमें जो पीड़ित हैं, दिल्ली पुलिस उन्हें ही गवाह के रूप में कोर्ट में पेश करना चाहती है. इसके साथ ही दिल्ली पुलिस सुशील कुमार पर मकोका लगाने की तैयारी कर रही है. इसके लगने के बाद सुशील कुमार को आसानी से जमानत नहीं मिल पायेगी.
शनिवार को एक अदालत में दिल्ली पुलिस ने सुशील कुमार पर सात दिन के रिमांड की मांग की थी. लेकिन अदालन ने चार दिन की रिमांड दी है. बताया जा रहा है सुशील कुमार जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और न ही उसको अपने किये पर कोई पछतावा है. ऐसे में पुलिस को आरोप साबित करने में काफी परेशानी हो रही है. सुशील को जमानत न मिले इसके लिए पुलिस मकोका के तहत कार्रवाई करना चाहती है.
मकोका संगठित अपराध करने वालों पर लगाया जाता है. मकोका में उम्रकैद तक की सजा के प्रावधान हैं. दिल्ली पुलिस सुशील का गैंगस्टर कनेक्शन भी जांचने में जुटी है. जैसा कि पहले खबरें आयी थीं कि सुशील का गैंगस्टर काला जठेड़ी और नीरज बवाना से नजदीकी संबंध है. सुशील इन गैंगस्टर्स को सूचनाएं जुटाकर देता था और फिर ये किसी को अपना शिकार बनाते थे.
सुशील कुमार पर एक मामला 2017 में आईपी एस्टेट थाने में दर्ज किया गया था. जिसमें सुशील पर मारपीट और रास्ते रोकने का आरोप लगाया गया था. उस मामले में साढ़े चार बाद भी आज तक चार्जशीट फाइल नहीं की गयी है. दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अब आईपी एस्टेट थाने से इस मामले की जानकारी मांगी है. गवाह नहीं तलाश कर पाने पर दिल्ली पुलिस की जांच पर भी सवाल खड़े किये जा रहे हैं.
सुशील कुमार ने अलग-अलग मामलों में जिन लोगों के साथ मारपीट की थी, पुलिस ने उन्हीं को गवाह बनाया है. इन चार लोगों में सोनू महाल, भगतू, रविंद्र भिंडा और अमित खागड़ का नाम शामिल हैं. इन चारों ने भी सुशील कुमार पर मारपीट का आरोप लगाया है. पुलिस ने दो दिनों पहले इन चारों का बयान दर्ज किया है. लेकिन अंदेशा जताया जा रहा है कि ये गवाह कोर्ट में मुकर भी सकते हैं.
