मध्यप्रदेश लघु उद्योग संघ ने उठाए सवाल, कैसे आत्मनिर्भर बनेगा भारत
भोपाल
कोरोना की दूसरी लहर से बिगड़ी प्रदेश की हालत के लिए मध्यप्रदेश लघु उद्योग संघ ने व्यवस्था का प्रबंधन करने वाले अफसरों को जिम्मेदार ठहाराया है। इसको लेकर संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि ऐसे में आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना कैसे साकार हो सकती है। साथ ही कहा है कि अधिकारियों को प्रशासन के स्थान पर प्रबंधन की भी टेÑनिंग दी जाए ताकि फिर ऐसे हालात न बनें। इसके लिए नियम भी बनाए जाएं ताकि ये जनता के सीधे संपर्क में रहना सीखें।
प्रदेश में कोरोना संकट ने इस बार सरकार की तमाम कोशिश और उद्योगों को बंद नहीं करने का फैसला लेने के बाद भी सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को भारी झटका दिया है। पिछले साल लाकडाउन में सब कुछ बंद रहा और इस बार बंद नहीं रहने के बाद भी उद्योगों को कच्चा माल मिलने में भारी दिक्कत हुई और रही सही कसर अनाप शनाप दामों ने पूरी कर दी। प्रदेश के लघु, सूक्ष्म, मध्यम उद्योगों की दशा सुधारने को लेकर सरकार ने कोई प्रबंध नहीं किए और जो वादे पिछले साल किए थे, उन अध्यादेशों का अमल में नहीं लाया गया। मध्यप्रदेश लघु उद्योग संघ का मानना है कि इससे उद्योगों को नुकसान उठाना पड़ा है और इसीलिए पीएम को चिट्ठी लिखी गई है।
संघ की ओर से महासचिव विपिन कुमार जैन ने पीएम मोदी को भेजे पत्र में कहा है कि आजादी के इतने सालों बाद भी प्रशासक के स्थान पर प्रबंधन की व्यवस्था नहीं बन सकी है। इसका अंदाजा पिछले माह धधकती चिताएं, उज़ड़े परिवारों, अनाथ बच्चों को देखकर लगाया जा सकता है। संघ की ओर से कहा गया है कि देश में अच्छे प्रशासक तो हैं पर प्रबंधक के लिए अलग सोच नहीं है। प्रशासक आदेश देता है प्रबंधक व्यवस्था संभालता है। प्रशासक त्वरित कार्यवाही पर विश्वास रखता है तो प्रबंधक को आगे पीछे की सभी तरह की स्थितियों को ध्यान में रखकर काम करना चाहिए। कोरोना की दूसरी लहर में इसकी भारी कमी प्रदेश में देखी गई है। इसलिए पीएम मोदी से अब प्रबंधन की व्यवस्था में बदलाव के लिए नियम बनाने को कहा गया है।
