अस्पतालों में अवय्वस्ताओं का अम्बार, नहीं है एक भी वेंटिलेटर और ICU बेड

नई दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली में भी कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे हैं। पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 10,774 नए कोविड-19 के मामले सामने आए हैं और 48 मौतें हुई हैं। इसी बीच दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने संकेत दिए हैं कि दिल्ली में भी कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लॉकडाउन लगाया जा सकता है। वहीं दिल्ली में सरकारी डेटा के मुताबिक दिल्ली में 50 से अधिक अस्पतालों में एक भी वेंटिलेटर और आईसीयू बेड मौजूद नहीं हैं। दिल्ली में रविवार (11 अप्रैल) को शाम 5 बजे तक कोरोना एप के मुताबिक सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए कुल बेड की संख्या 11,727 है, जिसमें से 5,363 बेड्स ही अब खाली हैं। 

वहीं 1,153 वेंटिलेटर बेड्स हैं, जिनमें सिर्फ अब 307 बेड ही खाली हैं। दिल्ली में कुल 1,852 आईसीयू बेड हैं, जिसमें से सिर्फ 511 बेड ही खाली हैं। यानी यह आईसीयू के बिना कुल उपलब्ध बेड का 72.4 प्रतिशत है। Instagram Reel को कैसे बनाएं नया TikTok राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, एम्स ट्रॉमा सेंटर, बुराड़ी अस्पताल, बेस अस्पताल दिल्ली कैंट, दीप चंद बंधु अस्पताल, उत्तर रेलवे अस्पताल इत्यादी दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के प्रमुख अस्पतालों में से एक हैं, जहां वेंटिलेटर वाला एक भी आईसीयू बिस्तर खाली नहीं है। इसी तरह, दिल्ली के 44 निजी अस्पताल में एक भी वेंटिलेटर बेड नहीं है। जबकि दो सरकारी और 50 निजी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए एक भी आईसीयू बेड खाली नहीं हैं। ये आंकड़े दिल्ली कोरोना ऐप के अनुसार दिए गए हैं। 

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