निकाय चुनाव: कांग्रेस-बीजेपी अलर्ट, सत्ता-संगठन के बड़े नेताओं को इलेक्शन कमांड

भोपाल
नगरीय निकाय चुनाव की बिसात जमने से पहले दोनों ही दलों को वार्ड पार्षदों के टिकट को लेकर जबरदस्त माथा पच्ची करना पड़ रही है। दोनों ही दल इस चुनाव को 2023 के विधानसभा चुनाव का पूर्वाभ्यास मान रहे हैं। इसलिए दोनों ही दल एक-एक वार्ड में उम्मीदवार का चयन करने में कई मापदंडों को देख रहे हैं।

दोनों ही दलों में रात-रात भर जागकर सिटी सरकार के लिए अच्छे और जीताऊ उम्मीदवारों का चयन कर रही है।  इधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस बार नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी की जीत के लिए बड़ी सभाओं के साथ छोटी सभाएं करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। वहीं कांग्रेस अब तक रतलाम महापौर के प्रत्याशी चयन को लेकर अब तक निर्णय नहीं ले सकी है।

नगरीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी होते ही भाजपा के सभी दिग्गज नेता चुनावी सभाओं और दौरे पर निकलेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 19 जून से इन चुनावी सभाओं की शुरुआत करने वाले हैं। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी शहरों में चुनावी दौरे करेंगे जिसके लिए प्रदेश संगठन कार्यक्रम तय करा रहा है।

भाजपा ने तय किया है कि दलीय आधार पर होने वाले नगरीय निकाय चुनावों के लिए बड़ी सभाएं करने के बजाय छोटी सभाओं के जरिये लोगों से संवाद किया जाएगा और सरकार की योजनाओं और शहर के विकास के लिए किए गए कामों से अवगत कराकर शहर विकास के लिए सहयोग मांगा जाएगा।  इसी कड़ी में शुक्रवार और शनिवार को भोपाल, ग्वालियर, इंदौर में नामांकन दाखिले की कार्यवाही पूरी कराने के बाद सीएम शिवराज रविवार से चुनावी दौरे पर निकलेंगे।

संगठन ने तय किया है कि जिस शहर के नगर निगम और नगरपालिका में जिस मंत्री, पदाधिकारी की क्षेत्रीय और जातीय समीकरण के हिसाब से डिमांड होगी, उसे वहां चुनावी सभा और रैलियों के लिए भेजा जाएगा। इसके अलावा संगठन स्तर पर सौंपे गए दायित्व का निर्वहन प्रदेश पदाधिकारी, जिला और संभागीय प्रभारी तथा मंत्री करते रहेंगे। पार्टी सबसे अधिक फोकस उन नगर निगम और नगर पालिकाओं में करेगी जहां कांग्रेस टक्कर देने की स्थिति में रहेगी और प्रत्याशियों के बीच त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बनेगी।

कटनी, उज्जैन, बुरहानपुर के टिकट घोषित
भाजपा ने कटनी, बुरहानपुर और उज्जैन नगर निगम के वार्ड प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जा चुके हैं। छिंदवाड़ा नगर निगम के भी कैंडिडेट घोषित होने की सूचना है। इसके अलावा कटनी, रतलाम, खंडवा, मुरैना, सिंगरौली नगर निगम के प्रत्याशियों को लेकर भी मंथन चल रहा है। सिर्फ सतना जिला ही ऐसा है जहां नगर निगम और नगर पालिका व नगर परिषदों के लिए टिकट घोषित किए जा चुके हैं। प्रदेश के कई बड़े नगर पालिकाओं का टिकट भी अभी घोषित होना बाकी है।

कांग्रेसियों को टेलिफोनिक मैसेज
भोपाल के अधिकांश वार्डो में कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार तय कर लिए हैं। इन्हें फोन पर आज नामांकन भरने की सूचना भी दे दी है। हालांकि अधिकृत उम्मीदवारों की सूची अभी पार्टी ने जारी नहीं की है, लेकिन आज नाम घोषित कर दिए जाएंगे। इसमें सबसे ज्यादा विधायकों की चली। मध्य विधानसभा, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर विधानसभा के अधिकांश वार्डो में विधायकों ने अपने समर्थकों को टिकट दिलाएं हैं। वहीं नरेला में एक युवा नेता के कहने पर आधा दर्जन वार्डो में टिकट दिए गए। यहां से विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की कहने पर दो टिकट मिले हैं। कांग्रेस के एक दिवंगत नेता की बहन को भी टिकट दिया गया है। जिला कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष की पत्नी को टिकट मिल गया है। इनके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, महापौर उम्मीदवार विभा पटेल, कैलाश मिश्रा के कुछ-कुछ समर्थकों को टिकट दिए गए हैं।

 अरुण को झटका
इधर खंडवा में पार्षद टिकटों को लेकर घमासान जारी है। यहां की महापौर उम्मीवार आशा मिश्रा के ससुर गुरुवार रात तक भोपाल में अपने समर्थकों के टिकट फाइनल करवाने के लिए सक्रिय रहे। वे देर रात तक अपने समर्थकों को पार्षद उम्मीदवार बनवाने के लिए सक्रिय रहे।  बताया जाता है कि उनकी सिफारिश पर 25 से ज्यादा पार्षद उम्मीदवार बनाए गए हैं। अरुण यादव के कई समर्थकों के नाम इसमे से कट गए। वहीं उज्जैन में भी कोई भी नेता बहुत ज्यादा टिकट नहीं दिला सका। यहां पर भी पार्षद उम्मीदवारों की सूची रात में भेज दी गई है। यहां पर सबसे ज्यादा महापौर उम्मीदवार महेश परमार की ही चली है।

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