आईटीआई-उद्योग लिंकेज मीट सम्पन्न
भोपाल
आईटीआई प्रशिक्षणार्थियों को उद्योगों में प्रयुक्त नवीनतम तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से भोपाल में आईटीआई उद्योग लिंकेज मध्यप्रदेश मीट का आयोजन किया गया। प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार आकाश त्रिपाठी ने एक दिवसीय लिंकेज मीट का शुभारंभ किया। त्रिपाठी ने बताया कि कौशल विकास विभाग ने तीन उद्योगों L&T कंस्ट्रक्शन अहमदाबाद और VE कमर्शियल व्हीकल लिमिटेड पीथमपुर के साथ दो-दो हजार कैंडिडेट्स एवं JBM ऑटो लिमिटेड गुड़गांव के साथ 500 अप्रेंटिस को संलग्न करने के लिए एमओयू किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के विभिन्न शासकीय आईटीआई ने उद्योगों के साथ 100 फ्लैक्सि एमओयू हस्ताक्षर किए हैं। इसमें मुख्यतः प्लेसमेंट, गेस्ट लेक्चर, इंडस्ट्री विजिट, सीएसआर गतिविधियां एवं ऑन जॉब ट्रेनिंग का क्रियान्वयन किया जायगा।
प्रमुख सचिव त्रिपाठी ने कहा कि युवाओं में रोजगार के लिए कौशल क्षमताओं का विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। बदलते परिद्रश्य में आईटीआई में आधुनिक व्यवसायों का चलन किये जाने तथा उद्योगों के साथ जीवंत आदान-प्रदान की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आईटीआई में अध्ययनरत युवाओं को व्यवसायिक प्रशिक्षण, आजीविका एवं सुनिश्चित प्लेसमेंट के लिए प्रदेश स्तर पर एसपीवी के साथ संस्थाओं का उनयन किए जाने के लिए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का गठन किया गया है। इसके माध्यम से प्रथम चरण में विभिन्न जिलों में स्थित 42 आईटीआई का चयन किया गया है। इसके अंतर्गत 5 से 7 हजार से ज्यादा प्रशिक्षणार्थियों को कौशल विकास एवं रोजगार का लाभ दिया जायगा।
संचालक कौशल विकास जितेंद्र सिंह राजे ने कहा की विभाग द्वारा प्रदेश में दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली, फ्लैक्सि एमओयू और अप्रेंटिशिप योजनाओं को लागू कर आईटीआई प्रशिक्षणार्थियों के कौशल का उन्नयन और उद्योग की मांग के आधार पर तकनीकी कौशल को भी बढ़ाने की दिशा में बेहतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की आईटीआई को उद्योग जगत से जोड़ने की रणनीति तैयार करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड श्रीमती षणमुख प्रिया मिश्रा, मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास परियोजना संचालक हरजिंदर सिंह, फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज डॉ राधा शरण गोस्वामी, तथा लगभग 53 उद्योगों और 85 शासकीय आईटीआई के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
