बड़ी पहल: मरीजों का खुलेगा आभा खाता, 6 माह और मिलेगा कोरोना कवच

नई दिल्ली
केंद्र सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत एम्स समेत देश के सभी बड़े अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों को आपस में जोड़ा जाएगा। इसके अलावा मरीज का डॉक्टर से अपाइंटमेंट लेते समय ही ‘आभा’ खाता खुलेगा। इसमें मरीज की बीमारी और इलाज का पूरा ब्यौरा होगा। बताया जा रहा है कि अस्पतालों के आपस में लिंक होने से मरीजों का डेटा साझा किया जा सकेगा। दूसरी ओर कोरोना संक्रमण देश में कम हो गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सरकार ने कोविड काल में शुरू की गई कोरोना कवच पॉलिसी को छह महीने और बढ़ा दिया गया है। यह पॉलिसी 31 मार्च को खत्म होने जा रही थी।

अब मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में दस्तावेज साथ लाने का झंझट खत्म हो जाएगा। अपॉइंटमेंट लेते वक्त ही मरीज का आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) खाता खुल जाएगा जिसके जरिए इलाज से संबंधित सभी दस्तावेजों का रिकार्ड सुरक्षित रहेगा।  इसमें अपॉइंटमेंट के अलावा डॉक्टर के पर्चे, जांच और उसकी रिपोर्ट, इलाज के लिए भुगतान और दवा इत्यादि के बिल व पर्चियों का पूरा ब्यौरा उपलब्ध रहेगा। हालांकि यह खाता तभी खुल सकता है जब आॅनलाइन अपॉइंटमेंट लेते वक्त रोगी इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।

देश के लगभग सभी बड़े अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों को आपस में जोड़ा गया है। इसमें देशभर के सभी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भी शामिल हैं। प्रत्येक खाताधारकों को 14 अंक का एक यूनिक नंबर दिया जा रहा है जो आभा कार्ड पर फोटो के साथ मौजूद रहेगा।  कुछ समय पहले तक हेल्थ आईडी नाम से इस योजना के बारे में जाना जाता था लेकिन अब इसके नाम में परिवर्तन करते हुए इसे आभा नाम दिया है। यह योजना किसी भी तरह के स्वास्थ्य बीमा की सुविधा नहीं देती है।

कोरोना कवच पॉलिसी की डेडलाइन बढ़ी

कोरोना काल में सरकार ने लोगों की बड़ी राहत दी है। अब ‘कोरोना कवच स्कीम’ को अगले 6 महीने के लिए बढ़ा दिया है. अब यह स्कीम सितंबर 2022 तक के लिए वैद्य कर दी गई है. यह फैसला इंश्योरेंस रेगुलेटर  इरडा ने लिया है. पहले यह पॉलिसी 31 मार्च 2022 को खत्म हो रही थी। कोरोना महामारी को देखते हुए इरडा ने पॉलिसी की वैलिडिटी को 31 मार्च 2021 से बढ़ाकर 31 मार्च 2022 तक कर दिया था। अब इसे दोबारा बढ़ाकर 30 सितंबर 2022 तक कर दिया गया है। मामले पर जानकारी देते हुए इरडा ने एक बयान जारी किया है जिसमें कहा गया है कि कोरोना काल में इस पॉलिसी को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। अब कोरोना स्पेशल प्रोडक्ट को 31 मार्च 2022 से बढ़ाकर 30 सितंबर 2022 तक कर दिया गया है। इसमें पॉलिसी के रिन्यूअल और खरीद के पीरियड को 6 महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। कोरोना काल में लोगों के हॉस्पिटल के बढ़ते खर्चे को देखते हुए एक कोरोना स्पेशल पॉलिसी लॉन्च की गई थी। इस पॉलिसी के द्वारा लोगों को कोरोना के इलाज के दौरान कोरोना से जुड़े खर्चे जैसे एडमिट होने पर खर्च, दवाइयों का खर्च आदि सभी चीजों के लिए कोरोना कवच पॉलिसी लोगों के मेडिकल खर्चों को कवर करती है।

24 घंटे में सिर्फ 1233 नए मामले

भारत में पिछले कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कमी देखी गई है। नतीजतन बीते 24 घंटे में देशभर में 1233 नए मामले दर्ज किए गए हैं। यही वजह है कि पिछले 24 घंटे के दौरान नए मामलों में दो फीसदी की कमी दर्ज की गई है। वहीं इसी के साथ अब कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 14,704 पहुंच गई।  24 घंटों में 31 लोगों की जान गई। अब तक कोरोना से 521,101 लोगों की मौत हो चुकी है।

चीन में बिगड़े हालात, कर्मचारियों ने आॅफिस में ही लगाया बिस्तर

पूरे यूरोप समेत चीन में कोरोना फिर से लौट आया है। नया वैरिएंट चीन में आए दिन नए-नए रिकॉर्ड बना रहा है। तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए यहां के कई शहरों में लॉकडाउन लगाया गया है। सोमवार को चीन के वित्तीय शहर शंघाई को भी आधा बंद कर दिया गया। अगर मंगलवार का रुख करें तो चीन में रिकॉर्ड 4477 मामले आए थे। ऐसे में एक के बाद एक शहर में लॉकडाउन से चीन की अर्थव्यवस्था पर चोट पड़ने लगी है।  वित्तीय केंद्र होने के कारण शंघाई में लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था के लुढ़कने की सबसे ज्यादा आशंका है। ऐसे में कर्मचारियों के लिए आॅफिस में ही रहने और खाने की व्यवस्था की गई है।

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