अब प्राइवेट परीक्षा देने वाले छात्रों को कॉलेज जाकर प्रैक्टिकल करने होंगे
भोपाल
मध्यप्रदेश के प्राइवेट स्टूडेंट की मुसीबतें अब बढ़नेवाली हैं. ऐसे स्टूडेंट अब तक सिर्फ थ्याेरी की परीक्षा देते थे लेकिन उन्हें अब 15 दिन कॉलेज जाना होगा। नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत कई नियम बदल गए हैं। प्रथम वर्ष की प्राइवेट परीक्षा में छात्रों को मूल परीक्षा यानि थ्योरी के अलावा कॉलेज जाकर प्रैक्टिकल करने होंगे और कंटिन्यूस एंड कॉम्प्रेंसिव ईवैल्यूएशन—सीसीई टेस्ट भी देना होगा।
प्राइवेट स्टूडेंट को अभी बहुत सहूलियतें थीं. उन्हें या तो प्रैक्टिकल देना ही नहीं होता था या अनिवार्य विषयों के लिए सिर्फ एकाध बार प्रेक्टिकल के लिए जाना होता था। लेकिन नई एजुकेशन पॉलिसी में सब बदल गया है। अब प्राइवेट छात्रों को नियमित छात्रों की तरह प्रैक्टिकल करने होंगे।
अब हर विषय में कुल 30 अंकों के प्रैक्टिकल होंगे. इसके कारण प्राइवेट स्टूडेंट को कॉलेज आना ही होगा। इसी के साथ वे जिस सेंटर से फॉर्म भरेंगे उस कॉलेज में पहुंचकर सीसीई टेस्ट भी देना होगा। प्रैक्टिकल, सीसीई व वायवा कम से कम 15 दिन चलेंगे। हालांकि सीसीई न देने वाले छात्रों को एक विकल्प दिया गया है जिसके तहत छात्र को अपने विषय चुनकर ऑनलाइन टेस्ट देना होगा। टेस्ट में नंबर भी ऑनलाइट ही अलॉट होंगे जोकि प्रैक्टिकल के अंक माने जाएंगे।
अब बीकॉम, बीए और बीएससी प्रथम वर्ष की परीक्षा में मूल विषयाें में थ्याेरी का पेपर 70 अंकाें का हाेगा, जबकि आंतरिक मूल्यांकन 30 अंकाें के हाेंगे। हालांकि परीक्षा अवधि तीन घंटे की ही हाेगी। पहले थ्योरी पेपर 80 का और आंतरिक मूल्यांकन 20 अंको का था. थ्याेरी में पास हाेने के लिए न्यूनतम 23 अंक लाना हाेंगे जबकि आंतरिक मूल्यांकन में न्यूनतम 10 अंक लाना हाेंगे।
