भोपाल में भी जन औषधि दिवस समारोहपूर्वक मना
( अमिताभ पाण्डेय )
भोपाल ( अपनी खबर ) ।
भारत में आम आदमी को सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, प्रधान मंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना को फार्मास्यूटिकल्स विभाग, रसायन और उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया था। इस योजना के तहत, जनऔषधि केंद्रों के नाम से जाने वाले समर्पित आउटलेट जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए खोले गए हैं। जन औषधि दवाओं की कीमतें खुले बाजार में उपलब्ध ब्रांडेड दवाओं की कीमतों से 50%-90% कम हैं।
उपरोक्त जानकारी देते हुए भोपाल में पीरगेट और कोलार क्षेत्र में जन औषधि केंद्र का संचालन कर रहे नीरज मौर्य ने अपनी खबर को बताया कि हमारे देश मे जन औषधि केंद्रों की कुल संख्या 8689 से अधिक हो गई है। वर्तमान में देश के लगभग सभी जिलों में यह केंद्र उपलब्ध हैं।
स्टोर्स की संख्या के लिहाज से यह संभवत: दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल फार्मा चेन है।
इस योजना की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग और मीडिया का एक वर्ग इन दवाओं को "मोदीसिन" कह रहा है।
इसके अलावा, आम आदमी जनऔषधि केंद्र को "प्रधान मंत्री जी की दुकान" के रूप में संदर्भित करता है।
जनऔषधि दिवस की स्थापना का समारोह 7 मार्च को देशभर में उत्साहपूर्वक मनाया गया।
इस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइव टेलीकास्ट का प्रसारण किया गया। इसमें श्री मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से योजना के लाभार्थियों से बात की ।
इस दौरान लाभार्थियों ने बताया कि किस प्रकार दवाओं की लागत में बचत उनके जीवन को तनावमुक्त और सुविधाजनक बना रही है।
भोपाल में जनऔषधि दिवस का यह उत्सव प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र स्टोर संचालक नीरज मौर्य ने बीमाकुंज कोलार रोड में मनाया ।
समारोह में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी जी मुख्य अतिथि थे ।
कार्यक्रम में अभिषेक दुबे संयुक्त औषधि नियंत्रक , डॉ. प्रभाकर तिवारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, भोपाल , शोभित कोष्टा उप औषधि नियंत्रक ,डॉ. शोभा पटेल जिला स्वास्थ्य अधिकारी, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक एम.एम. एवं अन्य औषधि निरीक्षक धर्मेश बिगोनिया, के एल अग्रवाल, वंदना गुर्जर, अनामिका , आकाश राठौर सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष उपस्थित थे।
