CM बोले-प्रदेश के लिए बनाएं नए प्लान, कर्मचारियों के लिए प्रमोशन नीति पर चर्चा
सीहोर
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ढाई माह के लाकडाउन के कारण राजस्व पर असर पड़ा है लेकिन हम अपनी जनकल्याण की योजनाएं बंद नहीं कर सकते। विकास हमारी प्रतिबद्धता है। अतिरिक्त संसाधनों से धन का, रेवेन्यू वृद्धि का काम कैसे किया जा सकता है? इसको लेकर आईडिया लिए जाएंगे और व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का काम करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पिछले साल जिस तरह से हर माह समीक्षा करके राजस्व अर्जित किया था, कुछ उसी तर्ज पर काम करने की जरूरत है ताकि विभागों के लिए तय किए गए रोडमैप को प्रभावित किए बिना योजनाओं को पूरा किया जा सके।
सीहोर जिले के एक रिसार्ट में मंत्रियों के साथ मंथन बैठक शुरू करने के पहले संबोधन में सीएम चौहान ने कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने में हम देश में माडल बने हैं और अब वैक्सीनेशन को जन अभियान बनाकर माडल बनना है। मंत्री आईडिया तय करें कि वे कैसे इसे जन अभियान बना सकते हैं। पदयात्रा करके या गाड़ी में बैठकर भी इस अभियान को गति देने के लिए गांव व शहरों में विजिट की जा सकती है। लोगों को प्रोत्साहित करने का असर यह होगा कि वैक्सीनेशन सफल रहा तो कोरोना की तीसरी लहर से बचने में काफी राहत होगी। हमें यह भी देखना है कि तीसरी लहर आई तो कैसे स्वास्थ्य सेवाओं को त्वरित गति दी जा सकती है। दूसरी लहर के संक्रमण से सीख लेकर काम करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नई टेक्नालाजी का इस्तेमाल कर कैसे बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखना है। इसका प्रजेंटेशन मंत्री समूह देगा।
मुख्यमंत्री चौहान आज दिन भर मंत्रियों के साथ जिन विषयों और मुद्दों पर मंथन और वन टू वन करने वाले हैं, उसमें कोरोना के बाद आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का मसला सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके साथ ही कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों पर चर्चा करने के साथ प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण और नवाचार को लेकर मंथन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की मंत्रियों के साथ चर्चा के अन्य बिंदुओं में विभागीय योजनाओं की प्रगति, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप क्रियान्वयन की प्रगति के मुद्दे शामिल हैं। इसके साथ ही रेवेन्यू बढ़ाने के उपायों पर मंथन कर बजट के नए संसाधन उपलब्ध कराने पर विचार किया जाएगा। मंत्रियों के साथ विभागवार रोजगार बढ़ाने के अवसरों को लेकर भी बात होगी। इसके अलावा शासकीय सेवकों की पदोन्नति के संबंध में रास्ता निकालने पर भी चर्चा की जाएगी।
सीएम चौहान ने मंत्रियों से कहा कि वे चाहते हैं कि सार्वजनिक संपत्ति के सुप्रबंधन के लिए सुझाव दिए जाएं। कैसे ऐसी संपत्ति का सुप्रबंधन करके आय भी बढ़ाई जाए और उसे उपयोग में भी लाया जाए। उन्होंने उदाहरण बतौर कहा कि सीहोर में शुगर मिल की सैकड़ों एकड़ जमीन रिक्त पड़ी है, उसका उपयोग कैसे किया जा सकता है। डबरा में ऐसी ही रिक्त भूमि होने की जानकारी है। पिछले साल ऐसे मामलों के लिए लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग बना है और अब ऐसी संपत्तियों का ठीक से उपयोग करने को लेकर सुझाव देना है।
